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नालन्दा मण्डल
नालन्दा जिला
मण्डल
बिहारे नालन्दा मण्डलके स्थितिके अवस्थिति
बिहारे नालन्दा मण्डलके स्थिति
देस भारत
राज्यबिहार
प्रमण्डलपटना
स्थापित९ नवम्बर १९७२
मुख्यालयबिहारशरीफ
सरकार
  लोकसभा निर्वाचनक्षेत्रनालन्दा
क्षेत्रफल
  कुल2,367 किमी2 (914 वर्ग मील)
  नगरी
112.91 किमी2 (43.59 वर्ग मील)
जनसङ्ख्या
 (2011)
  कुल२८,७७,६५३
  घनत्व1,216/किमी2 (3,149/मील2 )
जनसाङ्ख्यिकी
  साक्षरता66.41 (पु=77.11; म=54.76)
  लिङ्गानुपात921 (2011)
समयमण्डलयुटिसि+05:30 (भा म स)
पिन कोड
803111[1]
मुख्य राजमार्गरा रा २०, रा रा ३३, रा रा १२०, रा रा ४३१
जालस्थलNalanda District

नालन्दा मण्डल (नालन्दा जिला) भारतके बिहार राज्यके एगो मण्डल हे जेकर मुख्यालय बिहारशरीफ हे ।[2][3] नालन्दा अपन प्राचीन इतिहासला बिश्वमे प्रसिद्ध हे। हियाँ बिश्वके सबसे प्राचीन नालन्दा विश्वविद्यालयके अवशेष आझो हे, जन्ने सुदूर देशसे छात्र पढ़ेला भारत आवहलथिन ।

बुद्ध आउ महाबीर बडीबेर नालन्दामे ठहरलथिन हे । मानल जाहे कि महावीर मोक्षके प्राप्ति पावापुरीमे करलथिनहल, जे नालन्दे मण्डलमे स्थित हे । बुद्धके प्रमुख छात्रमे से एक, सारिपुत्त, के जनम नालन्देमे होलैहल ।

नालन्दा पूर्वमे अस्थामा तक पश्चिममे तेल्हारा तक दक्षिणमे गिरियक तक उत्तरमे हरनौत तक फैलल है ।

विश्‍वके प्राचीनतम विश्वविद्यालयके अवशेषके अपन आंँचलमे समेटले नालन्‍दा बिहारके एक प्रमुख पर्यटन स्‍थल है । एहाँ पर्यटक विश्‍वविद्यालयके अवशेष, सङ्ग्रहालय, नवनालन्दा महाविहार आउ ह्वेनसाङ्ग मेमोरियल हॉल देखे आवहथिन । एकर इलावा एकर आसोपासमे भ्रमण (घूमे) लागि बड़ीमनी पर्यटक स्‍थल है । राजगीर, पावापुरी, गया आउ बोधगया एहाँके नजदीकी पर्यटन स्‍थल है । प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसाङ्ग ७मा शताब्दीमे एहाँ जीवनके महत्त्वपूर्ण एक वर्ष एक विद्यार्थी आउ एक शिक्षकके रूपमे व्यतीत कैल हल ।

नालन्दामे राजगीरमे ढेर गरम पानीके झरना है, एखर निर्माण बिम्बिसार अपन शासनकालमे करवौलक हल, राजगीर नालन्दाके मुख सहारा है, ब्रह्मकुण्ड, सरस्वती कुण्ड आउ लङ्गटे कुण्ड हियाँ है, ढेर विदेशी मन्दिरो है एहाँ चीनके मन्दिर, जापानके मन्दिर आदि । नालन्दा मण्डलमे जामा मस्जिदो है जे कि बिहारशरीफमे पुल पर स्थित है । ई बड़ी पुराना आउ विशाल मस्जिद है ।

इतिहास

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९ नवम्बर १९७२ के पटना से अलगे होबेके बाद नालन्दा एक पूर्ण जिला बनलै ।

नालन्दा महाविहार

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नालन्‍दा विश्‍वविद्यालयके अवशेषके खोज अलेक्‍जेण्डर कनिङ्घम कैलक हल । मानल जाहे कि ई विश्‍वविद्यालयके स्‍थापना ४५० ई॰ मे गुप्त शासक कुमारगुप्‍त कैलक हल ।[4][5] ई विश्‍वविद्यालयके एकरा बाद आवेवाला सभ शासक वंशके सर्मथन भेटल । महान् शासक हर्षवर्द्धनो ई विश्‍वविद्यालयके दान देलक हल । हर्षवर्द्धनके बाद पाल शासकोके एकरा संरक्षण मिलल । खाली हियाँके स्‍थानीय शासक वंशे न वरण बिदेशी शासकोसे एकरा दान मिलल हे । ई विश्‍वविद्यालयके अस्तित्‍व १२मा शताब्‍दी तक बनल रहल । १२मा शताब्‍दीमे तुर्क आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ई विश्‍वविद्यालयके जरा देलकै ।

प्रमुख आकर्षण

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नालन्दा प्राचीनकालके सबसे बड़ा अध्ययन केन्द्र हलै एवं एकर स्थापना पचमा शताब्दी ई० मे होलै हल । विश्वके सबसे प्राचीन विश्वविद्यालयके अवशेष बोधगयासे ६२ किलोमीटर दूर एवं पटनासे ९० किलोमीटर दक्षिणमे स्थित है । मानल जा है कि बुद्ध ढेर बेर हियाँ ऐलन हल । एही चलते पचमासे बारहमा शताब्दीमे एकरा बौद्ध शिक्षाके केन्द्रोके रूपमे जानल जा हलै । सतमा शताब्दी ई० मे ह्वेनसाङ्गो एहाँ अध्ययनला ऐलक हल एवं ऊ एहाँके अध्ययन प्रणाली, अभ्यास आउ मठवासी जीवनके पवित्रताके उत्कृष्टतासे वर्णन कैलक । ऊ प्राचीनकालके ई विश्वविद्यालयके अनूठेपनके वर्णन कैलक हल । विश्वके ई पहिला आवासीय अन्तर्राष्ट्रिय विश्वविद्यालयमे विश्वभरसे आएल १०,००० छात्र रहके शिक्षा ले हलन, आउ २,००० शिक्षक उनका दीक्षित करहल । एहाँ आवेवाला छात्रमे बौद्ध यात्रीके सङ्ख्या जादे हल । गुप्त राजवंश प्राचीन कुषाण वास्तुशैलीसे निर्मित ई सब मठके संरक्षण कैलक । ई कौनो अङ्गनाके चारो दन्ने लगल कक्षके पङ्क्ति नियन लौकहै । सम्राठ अशोक एवं हर्षवर्धन एहाँ सबसे जादे मठ, विहार एवं मन्दिरके निर्माण करैलन हल । हालेमे विस्तृत खुदाई एहाँ संरचनाके पता लगावल गेलै ह । एहाँ पर वर्ष १९५१ मे एक अन्तर्राष्ट्रिय बौद्ध शिक्षा केन्द्रके स्थापना कैल गेलै हल । एकर नजदीक बिहारशरीफ है, जन्ने मलिक इब्राहिम बायाके दरगाह पर हर वर्ष उर्स के आयोजन कैल जा है । छठपूजाला प्रसिद्ध सूर्यो मन्दिर एहाँसे दु किलोमीटर दूर बडागाँवमे स्थित है । एहाँ आवेवाला नालन्दाके महान् खण्डहर सबके इलावा नवनालन्दा महाविहार सङ्ग्रहालयो देखल जा सकहै ।

प्राचीन विश्‍वविद्यालयके अवशेषके परिसर

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१४ हेक्‍टेयर क्षेत्रमे ई विश्‍वविद्यालयके अवशेष भेँटलै है । खोदाईमे भेँटल सब इमारतके निर्माण लाल पत्‍थरसे कैल गेलै हल । ई परिसर दक्षिणसे उत्तर दन्ने बनल है । मठ या विहार ई परिसरके पूर्व दिशामे स्थित हलै । जखनकि मन्दिर या चैत्‍य पश्चिम दिशामे । ई परिसरके सबसे मुख्‍य इमारत विहार-१ हलै । वर्तमानो समयमे एहाँ दु तल्ला इमारत मौजूद है । ई इमारत परिसरके मुख्‍य अङ्गना भिरु बनल है । सम्भवतः एहैँये शिक्षक अपन छात्रके सम्बोधित कैल करहलथिन । ई विहारमे एक छोटा सुन प्रार्थनालयो अखनियो सुरक्षित अवस्‍थामे बचल है । ई प्रार्थनालयमे भगवान् बुद्धके प्रतिमा स्‍थापित है । ई प्रतिमा भग्‍न अवस्‍थामे है ।

एहाँ स्थित मन्दिरमे ई परिसरके सबसे बड़ मन्दिर है । ई मन्दिरसे समूचा क्षेत्रके विहङ्गम दृश्‍य देखल जा सकहै । ई मन्दिर ढेर छोट-बड़ स्‍तूपसे घिरल है । ई सब स्‍तूमे भगवान् बुद्धके मूर्त्ति सब बनल है । ई सब मूर्त्ति विभिन्‍न मुद्रामे बनल है ।

नालन्‍दा पुरातत्‍वीय सङ्ग्रहालय

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विश्‍व‍विद्यालय परिसरके विपरीत दिशामे एक छोट सुन पुरातत्‍वीय सङ्ग्रहालय बनल है । ई सङ्ग्रहालयमे खोदाईसे प्राप्‍त अवशेषके रखल गेलै हे । एकरामे भगवान् बुद्धके विभिन्‍न प्रकारके मूर्तिके बेस सङ्ग्रह है । साथे बुद्धके टेराकोटा मूर्ति सब आउ प्रथम शताब्‍दीके दु जारो एही सङ्ग्रहालयमे रखल है । एकर इलावा ई सङ्ग्रहालयमे ताम्बाके प्‍लेट, पत्‍थर पर टङ्कन (खुदा) अभिलेख, सिक्‍का, बर्त्तन एवं १२मा शताब्दीके चौरके जरल दाना रखल है ।

नवनालन्‍दा महाविहार

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ई एक शिक्षा संस्‍था है । एकरामे पालि साहित्‍य एवं बौद्धधर्मके पढ़ाई एवं अनुसन्धान होवहै । ई एक नया संस्‍था है । एकरामे दोसरो देशके छात्र पढ़ाईला एहाँ आ‍वहथिन ।

ह्वेनसाङ्ग मेमोरियल हॉल

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ई एक नवर्निर्मित भवन है । ई भवन चीनके महान् तीर्थयात्री ह्वेनसाङ्गके यादमे बनावल गेलै हे । एकरामे ह्वेनसाङ्गसे सम्बन्धित वस्‍तु एवं उनकर मूर्ति देखल जा सकहै ।

निकटवर्ती स्‍थल

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सिलाव

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ई गांँव नालन्‍दा आउ राजगीरके मध्‍य स्थित है । एहाँ बनेवाला प्रसिद्ध मिठाई खाजाके स्‍वाद लेल जा सकहै ।

सूरजपुर बड़गाँव

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एहाँ भगवान् सूर्यके प्रसिद्ध मन्दिर एवं एक झील है । एहाँ वर्षमे दु बेर मेलाके आयोजन होवहै । एक चैत (मार्च-अप्रैल) एवं दोसर कार्तिक (अक्‍टूबर- नवम्बर) महीनामे । ई दुनो महीनामे एहाँ प्रसिद्ध छठ त्‍योहार मनावल जा है । दूर-दूरसे लोग छठ उत्‍सव मनावे एहांँ आवहथिन ।

आवागमन

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वायुमार्ग

एहांँसे निकट विमानस्थल जयप्रकाश नारायण विमानस्थल (पटना) आउ गया विमानस्थल (गया) मेे है, जे ८९ किलोमीटर दूर है । कलकता, राँची, मुम्बई, दिल्ली एवं लखनऊसे पटनाला सीधा विमान सेवा है ।

रेलमार्ग

नालन्‍दामे रेलवे स्‍टेशन है, किन्तु एहाँके प्रमुख रेलवे स्‍टेशन राजगीर है । राजगीर जायेवाला सब ट्रेन नालन्दा होके जा है ।

सड़कमार्ग

नालन्दा सड़क मार्ग द्वारा राजगीर (१२ किमी), बोधगया (११० किमी), गया (९५ किमी), पटना (९० किमी), पावापुरी (२६ किमी) एवं बिहारशरीफ (१३ किमी)से बढ़ियाँसे जुड़ल है । एहाँ विश्वके प्राचीन अभिलेख (पुस्तक) के सङ्ग्रह स्थित हलै जे कि आक्रमणमे नष्ट हो गेलै !

सम्बन्धित लेख

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सन्दर्भ

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  1. "NALANDA Pin Code - 803111, Silao All Post Office Areas PIN Codes, Search NALANDA Post Office Address". ABP Live. अभिगमन तिथि 28 July 2022.
  2. "Caste dominates in Bihar's third round polling". मूलसे 19 दिसम्बर 2018 के पुरालेखित.
  3. "JD-U fields Nitish Kumar's castemen in Nalanda". मूलसे 19 दिसम्बर 2018 के पुरालेखित.
  4. Altekar, Anant Sadashiv (1965). Education in Ancient India, Sixth, Varanasi: Nand Kishore & Bros.
  5. "Really Old School," Garten, Jeffrey E. New York Times, December 9, 2006.