Wp/mag/दरभङ्गा जिला
| दरभङ्गा मण्डल 𑒠𑒩𑒱𑒦𑒓𑓂𑒑𑒰 𑒖𑒱𑒪𑒰 दरभङ्गा जिला | |
|---|---|
| बिहारके जिला | |
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभङ्गा | |
बिहारमे दरभङ्गा जिलाके स्थिति | |
| देश | |
| राज्य | |
| क्षेत्र | मिथिला |
| प्रमण्डल | दरभङ्गा |
| मुख्यालय | दरभङ्गा |
| सरकार | |
| • लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र | दरभङ्गा |
| • सांसद्, लोकसभा | गोपाल जी ठाकुर, भाजपा |
| • जिला अधिकारी | श्री राजीव रौशन (आइएएस) |
| • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक | श्री अवकाश कुमार (आइपीएस) |
| • विधानसभा क्षेत्र | कुशेश्वर अस्थान, गौरा बौरम, बेनीपुर, अलीनगर, दरभङ्गा ग्रामीण, दरभङ्गा, हायाघाट, बहादुरपुर, केवटी, जाले |
| क्षेत्रफल | |
| • कुल | 2,279 किमी2 (880 वर्ग मील) |
| जनसङ्ख्या (2011) | |
| • कुल | ३९,३७,३८५ |
| • घनत्व | 1,728/किमी2 (4,475/मील2 ) |
| • नगरी | ८.७ प्रतिशत |
| जनसाङ्ख्यिकी | |
| • साक्षरता | ५६.५६ प्रतिशत |
| • लिङ्गानुपात | १०२४ |
| समयमण्डल | युटिसि+०५:३० (भामास) |
| मुख्य राजमार्ग | रा रा २७, रा रा ५२७बी |
| जालस्थल | darbhanga |
दरभङ्गा जिला (मैथिली: 𑒠𑒩𑒱𑒦𑒓𑓂𑒑𑒰 𑒖𑒱𑒪𑒰 , दरिभङ्गा जिला) भारतके बिहार राज्यके एगो जिला हे । एकर मुख्यालय दरभङ्गा हे ।[1][2]
विवरण
उत्तरबिहारे दरभङ्गा प्रमण्डल अन्तर्गत दरभङ्गा एक जिला हे । दरभङ्गाके मिथिलाके रजधानियो कहल जा हे । जिला एवं प्रमण्डलके मुख्यालय दरभङ्गे नगर हे । मानल जा हे कि दरभङ्गा शब्द फारसीभाषाके दर-ए-बङ्ग मने "बङ्गालके द्वार" के मैथिलीमे ढेर वर्षतक चलेवाला स्थानीयकरणके परिणाम हे । वर्ष १८७५ मे तिरहुतसे अलगे करके दरभङ्गाके जिला बनावल गेलै हल । मिथिला क्षेत्रके ई जिला अपन प्राचीन संस्कृति आउ बौद्धिक परम्पराला विख्यात रहलै हे । मिथिला संस्कृतिके केन्द्र रहल ई जिला आम, मखाना मछली एवं मिथिला चित्रकलोला प्रसिद्ध हे ।
दरभङ्गा जिलाके गठन १ जनवरी १८७५ के भेलै । एकर उत्तरमे मधुबनी जिला, दक्षिणमे समस्तीपुर जिला, पूरुबमे सहरसा जिला एवं पश्चिममे सीतामढ़ी आउ मुजफ्फरपुर जिला हे । ई जिलाके भौगौलिक क्षेत्रफल २२७९.२९ वर्ग किलोमीटर हे । वर्तमानमे ई जिला तीन अनुमण्डलके अन्तर्गत १८ प्रखण्ड/अञ्चलमे बँटल हे ।
इतिहास
वैदिक स्रोतके अनुसार आर्यके विदेह शाखा अग्निके संरक्षणमे सरस्वती तटसे पूरुबमे सदानीरा (गण्डक) दन्ने कूच कैलक आउ विदेह राज्यके स्थापना कैलक । विदेहके राजा 'मिथि' के नाम पर ई प्रदेश मिथिला कहलाए लगलै । रामायणकालमे मिथिलाके एक राजा जे जनक कहला हलथिन, उनकर पुत्री सीतासे रामके बियाह भेलै । विदेह राज्यके अन्त होवेपर ई प्रदेश वैशाली गणराज्यके अङ्ग बनलै । एकर पश्चात् ई मगधके मौर्य, शुङ्ग, कण्व आउ गुप्त शासकके महान् साम्राज्यके भाग रहलै । १३मा शताब्दीमे पश्चिमबङ्गालके मुसलमान शासक हाजी शम्सुद्दीन इलियासके समय मिथिला एवं तिरहुत क्षेत्रके बँटवारा हो गेलै । उत्तरी भाग जेकर अन्तर्गत मधुबनी, दरभङ्गा एवं समस्तीपुरके उत्तरी भाग आवहलै, सुगौनाके ओइनवार राजा कामेश्वर सिंहके अधीन रहलै । ओइनवार राजाके कला, संस्कृति आउ साहित्यके बढ़ावा देवेला जानल जा हे । कुमारिल भट्ट, मण्डन मिश्र, गदाधर पण्डित, शङ्कर, वाचास्पति मिश्र, विद्यापति, नागार्जुन आदि महान् विद्वानके लेखनसे ई क्षेत्र प्रसिद्धि पैलकै । ओइनवार राजा शिवसिंहके पिता देवसिंह लहेरियासरायके पास देवकुलीके स्थापना कैलथिन हल । शिवसिंहके बाद हियाँ पद्मसिंह, हरिसिंह, नरसिंहदेव, धीरसिंह, भैरवसिंह, रामभद्र, लक्ष्मीनाथ, कामसनारायण राजा होलथिन । शिवसिंह आउ भैरवसिंह द्वारा जारी कैल गेल सोना एवं चान्दीके सिक्का एहाँके इतिहास ज्ञानके बेस स्रोत हे ।
दरभङ्गा नगर १६मा शताब्दीमे दरभङ्गा राजके राजधानी हलै । १८४५ ईस्वीमे ब्रिटिश सरकार दरभङ्गा सदरके अनुमण्डल बनौलकै आउ १८६४ ईस्वीमे दरभङ्गा नगर नगरनिकाय बन गेलै । १८७५ मे स्वतन्त्र जिला बनेतक ई तिरहुत सङ्गे हलै । १९०८ मे तिरहुतके प्रमण्डल बनेपर एकरा पटना प्रमण्डलसे हटाके तिरहुतमे सम्मिलित कर लेल गेलै । भारतके स्वतन्त्रताके पश्चात् १९७२ मे दरभङ्गाके प्रमण्डलके दर्जा देके मधुबनी एवं समस्तीपुरके एकर अन्तर्गत रखल गेलै ।
सम्बन्धित लेख
सन्दर्भ
- ↑ "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect
Archived 2017-01-18 at the वेबैक मशीन ," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999 - ↑ "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810