Wp/mag/नालन्दा विश्वविद्यालय
Appearance
| ध्येय | |
|---|---|
| प्रकार | केन्द्रीय बिश्वबिद्यालय |
| स्थापित | 2014 |
| कुलाधिपति | बिजय प॰ भटकर[1] |
| उपकुलपति | प्रो॰ सुनैना सिंह[2] |
शैक्षिक कर्मचारी | 30 (2016)[3] |
| छात्र | 130 (2016)[3] |
| स्थान | राजगीर, नालन्दा भिरु, बिहार, भारत |
| परिसर | नगरीय |
| जालस्थल | nalandauniv |
नालन्दा बिश्वबिद्यालय भारतके बिहार राज्यमे नालन्दा मण्डलके राजगीरमे स्थित एगो सार्बजनिक केन्द्रीय बिश्वबिद्यालय हे । एकरा राष्ट्रिय महत्वके सन्स्थान आउ उत्कृष्टताके रूपमे नामित कैल गेलहे । १८ सदस्स देसद्वारा समर्थित अन्तर्राष्ट्रिय बिश्वबिद्यालयके स्थापना २०१० मे भारतीय सन्सद्के एगो अधिनियम द्वारा कैल गेलहल ।[4] बिश्वबिद्यालयके स्थापनाके निर्णयके दोसरा आउ चौथा पुरुबी एसिया शिखर सम्मेलनमे समर्थन कैल गेलहल । भारतके राष्ट्रपति बिश्वबिद्यालयके कुलाध्यक्षके रूपमे कार्ज करहे ।
एकरो देखी
[edit | edit source]सन्दर्भ
[edit | edit source]- ↑ "Man behind India's first supercomputer 'Param' to head Nalanda University - Times of India". मूलसे 13 जून 2017 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 जुलाई 2021.
- ↑ "Prof Sunaina Singh appointed Vice Chancellor of Nalanda University". nalandauniv.edu.in. मूल से 20 सितम्बर 2017 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 जुलाई 2021.
- 1 2 देवराज, रणजीत. "Political meddling causes Nalanda University turmoil". University World News. अभिगमन तिथि 2021-07-08.
- ↑ "History and Revival". Nalanda University. अभिगमन तिथि 2022-09-02.