Wp/mag/भोजपुरीभाषा
| भोजपुरी | ||||
|---|---|---|---|---|
| 𑂦𑂷𑂔𑂣𑂳𑂩𑂲 | ||||
कैथी लिपिमे "भोजपुरी" शब्द लिखल | ||||
| बोलेके स्थान | भारत आउ नेपाल | |||
| तिथि / काल | २०११ जनगणना | |||
| क्षेत्र | भोजपुर-पुर्वाञ्चल | |||
| समुदाय | भोजपुरिया | |||
| मातृभाषी बक्ता | 5.2 करोड़, आंशिक गणना | |||
| भाषापरिवार | हिन्द-यूरोपीय
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| उपभाषा | उत्तरी मानक भोजपुरी
पश्चिमी मानक भोजपुरी
दक्षिणी मानक भोजपुरी
डोमरा
मुसहरी
मारिशस भोजपुरी[1]
दक्षिण अफ्रिकी भोजपुरी (नैताली)[2]
नागपुरिया भोजपुरी
कैरेबीय हिन्दुस्थानी (सरनामी सहित)
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| लिपि | ||||
| राजभाषा मान्यता | ||||
| औपचारिक मान्यता | Template:Wp/mag/FIJ (फिजी हिन्दीके रूपमे) | |||
| मान्य अल्पसङ्ख्यक भाषा | ||||
| नियन्त्रकसन्स्था |
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| भाषासङ्केत | ||||
| आइएसओ 639-2 | bho | |||
| आइएसओ ६३९-३ | bho | |||
| भाषाबेधशाला | 59-AAF-sa | |||
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भारतके भोजपुरीभाषी क्षेत्र | ||||
भोजपुरी (𑂦𑂷𑂔𑂣𑂳𑂩𑂲) एगो हिन्द-आर्यभाषा हे जे भारतके भोजपुर-पूर्वाञ्चल क्षेत्र आउ नेपालके तराई क्षेत्रके मूलभाषा हे । ई मुखरूपसे पच्छिमी बिहार आउ पूरबी उत्तरप्रदेसमे बोलल जाहे । ई एगो पूरुबी हिन्द-आर्यभाषा हे आउ २००० तक भारतके लगभग ५% जनसङ्ख्याद्वारा बोलल जाहे ।
ई फिजी, गयाना, मारिशस, दक्खिन अफ्रिका, सूरीनाम आउ त्रिनिदाद आउ टोबागोयो मे एगो मान्यता प्राप्त अल्पसङ्ख्यक भाषा हे । फिजी हिन्दी, फिजीके एगो अधिकारिकभाषा, अवधी आउ भोजपुरीके एगो रूप हे जे हिन्द-फिजीयद्वारा बोलल जाहे । कैरेबीय हिन्दुस्थानी, भोजपुरीके एगो आउ संस्करण हिन्द-कैरेबीय लोगद्वारा बोलल जाहे । ई त्रिनिदाद आउ टोबागो आउ गयानामे कैरेबीय अङ्ग्रेजीसे शाब्दिक परभाव अनुभव करकैहे । सूरीनाममे जे भाषा एकरा शाब्दिकरूप से परभावित करकैहे ओकरामे सरनन टोङ्गो क्रियोल, सूरीनामी डच आउ अङ्ग्रेजियो हे । मारिशसमे एगो आउ बोली बोलल जाहे जेकर प्रयोग घटित हे ।
व्याकरण
[edit | edit source]जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सनके अनुसार, भोजपुरीके व्याकरण ओही परिवारके अन्यभाषा सबके तुलनामे सरल है ।[5] भोजपुरीमे सञ्ज्ञासबके तीन रूप होबहै: लघु, दीर्घ आउ निरर्थक । सञ्ज्ञाके विशेषण लिङ्गके साथे नै बदलऽहै । सञ्ज्ञाके साथे प्रत्यय -ना या नी जोड़के या सभ (सब) या लोग (लोग) नियन अनेकार्थक शब्दके जोड़के बहुवचन बनावल जा है ।"
उदाहरण:[5]
| परिभाषा | एकवचन रूप | बहुवचन रूप |
|---|---|---|
| घर | घर | घरन |
| घोड़ा | घोड़ा | घोड़न |
| लैका | लैका | लैकन/लैका सभ |
| राजा | राजा | राजा लोग |
कुछ उदाहरण के छोड़के भोजपुरीके क्रिया रूप केवल विषय पर निर्भर करऽहै आउ वस्तुके ओकरा पर कौनो प्रभाव नै पड़ऽहै । अन्य पूर्वी हिन्द-आर्यभाषाके विपरीत, भोजपुरीमे वर्तमान कालला एक अलग क्रिया रूप है, जे नेपालीके भविष्य काल रूपसे मेल खाहै । ई वर्तमान उपवाक्यमे प्रत्यय -ला जोड़ेसे बनऽहै । एहीसे देखेके क्रिया लागि भोजपुरी क्रिया 'देखे' है आउ वर्तमान रूप 'देखेला' है, जे अपनहीँमे विशिष्ट है आउ एके परिवारके अन्य भाषा जैसे मगही (देखैत है), मैथिली (देखैत अछी) आउ बङ्गला (देखची) मे नै पाएल जाहै । भोजपुरीमे क्रिया रूप द्वितीय पुरुष एकवचन (देखऽबे; तु देखबे) के अश्लील मानल जा है, सामान्यतः बहुवचन रूप (देखबऽ) के प्रयोग कैल जाहै । जखनि सम्मान दर्शाबेला होबे त द्वितीय पुरुष बहुवचन (देखबऽ) के स्थान पर प्रथम पुरुष एकवचन रूप (देखब; हम देखब) के प्रयोग कैल जाहै । बहुवचन सङ्ख्या दिखाबेला प्रत्यय -स या -ज के प्रयोग दोसर आउ तीसरे व्यक्तिके रूपके साथहुँ कैल जाहै, ई प्रकार देखेला-स के अर्थ है ओखनी देखऽहखिन । वर्तमान पूर्ण रूप भूतकालके रूपमे ह जोड़के बनावल जाहै । ई प्रकार, हम देखली (हम देखलियै) भूतकाल है आउ एकर वर्तमान पूर्ण रूप हम देखली हऽ (हम देखलियै हे) है । नियमित क्रियामे भूतकाल पूर्ण क्रियामे प्रत्यय -अल जोड़के बनावल जा है (देख - देखल), किन्तु कुछ मामलामे एकर अनियमित रूपो होबऽहै जैसे कर (कैल), मर (मुअल) आदि ।[5]
एकरो देखथिन
[edit | edit source]सन्दर्भ
[edit | edit source]- ↑ Oozeerally, Shameem (मार्च 2013). "The Evolution of Mauritian Bhojpuri: an Ecological Analysis - Mauritius Institute of Education". अभिगमन तिथि 1 सितम्बर 2020. Cite journal requires
|journal=(सहायता) - ↑ Rambilass, B. "NAITALI - SOUTH AFRICAN BHOJPURI" (PDF). indiandiasporacouncil.org. मूलसे 18 सितम्बर 2020 के पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि 1 सितम्बर 2020.
- ↑ सुधीर कुमार मिश्रा (22 मार्च 2018). "Bhojpuri, 3 more to get official tag". द टेलीग्राफ. मूल से 22 मार्च 2018 के पुरालेखित.
- ↑ "New chairman of Bhojpuri Academy | Patna News - Times of India". द टाइम्स आफ इण्डिया. 28 अगस्त 2010. मूलसे 9 अप्रैल 2023 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 21 अप्रैल 2024.
- 1 2 3 Grierson, G.A. (१९०२). Linguistic Survey of India. Vol V. Part II.