Wp/mag/भारतके भाषा
भारतमे बोलल जायेवाला भाषा बड्डीमनी भाषापरिबारसे हे, जेकरामे प्रमुख हे हिन्द-आर्यभाषा जे ७८.०५% भारतीयन द्वारा बोलल जाहे, ओकरा बाद द्राविडीयभाषा जे १९.६४% भारतीयन द्वारा बोलल जाहे, दुनो परिवारके एके-साथे कखनियो-कखनियो भारतीयभाषा बोलल जाहे । बचल २.३१% जनसङ्ख्याद्वारा बोलल जायेवाला भाषा आस्ट्रोएसियाटिक, चीनी-तिब्बती, तायी-कदायी आउ कुछ अन्य लघुभाषा आउ एकान्तभाषा परिवारके हे । भारतमे विश्वके चौथा सबसे अधिकभाषा हे (४४७), पापुआ नयागिनी (८४०), इण्डोनेसिया (७१०), आउ नाइजीरिया (५२४)के बाद ।
भारतके संविधानके अनुच्छेद ३४३ मे कहल गेलहे कि सङ्घके अधिकारिकभाषा देवनागरीलिपिमे हिन्दी हे, १९४७ से १५ बरिस तक अङ्ग्रेजीके अधिकारिक उपयोगके साथे । बादमे एगो संविधानिक संशोधन, राजभाषा अधिनियम, १९६३ भारतसरकारमे हिन्दीके साथे अङ्ग्रेजीके अनिश्चितकाल तक जारी रखेके अनुमति देलकै जखनि तककि बिधान एकरा बदलेके निर्णय न करतै । सङ्घके अधिकारिक उद्देश्यला प्रयोग करल जायेवाला अङ्कके रूप "भारतीय सङ्ख्याके अन्तर्राष्ट्रियरूप" हे, जेकरा अधिकांश अङ्ग्रेजी बोलेवाला देसमे अरबी अङ्कप्रणाली जानल जाहे । सब दुर्बोधके बावजूदो हिन्दी भारतके राष्ट्रभाषा न हे; भारतके संबिधान कौनो भाषाके राष्ट्रभाषाके दर्जा न देहे ।
भारतीय संविधानके अठमा अनुसूचीमे २२ भाषाके सूचीबद्ध करल गेलहे, जेकरा अनुसूचितभाषाके रूपमे सन्दर्भित करल गेलहे आउ ओखनीके मान्यता, दर्जा आउ अधिकारिक प्रोत्साहन देल गेलहे । एकर अतिरिक्त भारतसरकारद्वारा ओड़िआ, कन्नड, तमिल्, तेलुगु, मलयाल आउ संस्कृतके शास्त्रीयभाषाके गौरब प्रदान करल गेलीहे । समृद्ध बिरासत आउ स्वतन्त्र प्रकृतिवाला भाषाके शास्त्रीयभाषाके दर्जा देल जाहे ।
२००१ के भारतके जनगणनाके अनुसार भारतमे १२२ प्रमुख भाषा आउ १५९९ अन्य भाषा हे । किन्तु अन्य स्रोतके आँकड़ा अलगे-अलगे होवहे, मुख्यतः "भाषा" आउ "बोली" शब्दके परिभाषामे अन्तरके चलते । २००१ के जनगणनामे ३० भाषाके दर्ज करल गेलहल जे दसलाख से बेसी देसी बक्ता द्वारा बोलल जा हल आउ १२२ जे १०,००० से बेसी लोगद्वारा बोलल जाहल ।
बहुभाषिकता
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२०११ जनगणना
[edit | edit source]| भाषा | प्रथम भाषाभाषी | प्रथमभाषाभाषी कुल जनसङ्ख्याके प्रतिशतके रूपमे |
द्वितीयभाषा भाषी (करोड़मे) | तृतीयभाषा भाषी (करोड़मे) | कुलभाषी (करोड़मे) | कुलभाषी कुल जनसङ्ख्याके प्रतिशतके रूपमे |
|---|---|---|---|---|---|---|
| हिन्दी | ५२,८३,४७,१९३ | ४३.६३ | १३.९ | २.४ | ६९.२ | ५७.१ |
| अङ्ग्रेजी | २,५९,६७८ | ०.०२ | ८.३ | ४.६ | १२.९ | १०.६ |
| बङ्गला | ९,७२,३७,६६९ | ८.३० | ०.९ | ०.१ | १०.७ | ८.९ |
| मराठी | ८,३०,२६,६८० | ६.८६ | १.३ | ०.३ | ९.९ | ८.२ |
| तेलुगु | ८,११,२७,७४० | ६.७० | १.२ | ०.१ | ९.५ | ७.८ |
| तमिल् | ६,९०,२६,८८१ | ५.७० | ०.७ | ०.१ | ७.७ | ६.३ |
| गुजराती | ५,५४,९२,५५४ | ४.५८ | ०.४ | ०.१ | ६.० | ५.० |
| उर्दू | ५,०७,७२,६३१ | ४.१९ | १.१ | ०.१ | ६.३ | ५.२ |
| कन्नड | ४,३७,०६,५१२ | ३.६१ | १.४ | ०.१ | ५.९ | ४.९ |
| ओड़िआ | ३,७५,२१,३२४ | ३.१० | ०.५ | ०.००३ | ४.३ | ३.५ |
| मलयाल | ३,४८,३८,८१९ | २.८८ | ०.००५ | ०.००२ | ३.६ | २.९ |
| पञ्जाबी | ३,३१,२४,७२६ | २.७४ | ०.००३ | ०.०००३ | ३६ | ३.० |
| असमिया | १,५३,११,३५१ | १.२६ | ०.७४८ | ०.०७४ | २.४ | २.० |
| मैथिली | १,३५,८३,४६४ | १.१२ | ०.००३ | ०.०००३ | १.४ | १.२ |
| मणिपुरी (मीतै) | १७,६१,०७९ | ०.१५ | ०.०४ | ०.००४ | ०.२२५ | ०.२ |
| संस्कृत | २४,८२१ | ०.००१८५ | ०.००१ | ०.०००३ | ०.००२५ | ०.००२ |
एथ्नोलाॅग (२०१९, २२मा संस्करण) वैश्विक
[edit | edit source]निम्नलिखित सूचीमे बिश्वभरमे भारतीय उपमहादीपके भाषाके कुल बक्ता एथ्नोलाॅग के २०१९ संस्करण द्वारा देखावल हे, जे संयुक्तराज्य स्थित एसआइएल इण्टर्नेशनल द्वारा प्रकाशित एगो भाषा सन्दर्भ हे ।
| भाषा | कुलभाषी (करोड़मे) |
|---|---|
| हिन्दी | ६१.५ |
| बङ्गला | २६.५ |
| उर्दू | १७.० |
| पञ्जाबी | १२.६ |
| मराठी | ९.५ |
| तेलुगु | ९.३ |
| तमिल् | ८.१ |
| गुजराती | ६.१ |
| कन्नड | ५.६ |
| ओड़िआ | ३.८ |
| मलयाल | ३.८ |
| असमिया | १.५ |
| सन्थाली | ०.७ |
| मणिपुरी (मीतै) | ०.१७ |
| संस्कृत | ०.००२५ |
भाषापरिवार
[edit | edit source]जातीयभाषाके दृष्टि से, दक्खिन एसियाके भाषा, ई क्षेत्रके जटिल इतिहास आउ भूगोलके प्रतिध्वनित करहे, भाषापरिबार, भाषा फाइला आउ एकान्तके एगो जटिल पैचवर्क बनाव हे । भारतमे बोलल जायेवाला भाषा बड्डीमनी भाषापरिबारके हे, जेकरामे प्रमुख हे ७८.०५% भारतीय द्वारा बोलल जायेवाला हिन्द-आर्यभाषा आउ १९.६४% भारतीयद्वारा बोलल जायेवाला द्राविडीयभाषा । भारतके भाषा ढेर भाषा परिबार हे, जेकरामे सबसे महत्वपूर्ण हे -
| श्रेणी | भाषा परिबार | जनसङ्ख्या (२०१८) |
|---|---|---|
| १ | हिन्द-यूरोपीयभाषापरिबार | १०४.५ करोड़ (७८.०५%) |
| २ | द्राविडीय भाषापरिबार | २६.५ करोड़ (१९.६४%) |
| ३ | आग्नेयभाषापरिबार (आस्ट्रो-एसियाटिक) | अज्ञात |
| ४ | चीनी-तिब्बतीयभाषापरिबार | अज्ञात |
| ५ | तायी-कदायीभाषापरिबार | अज्ञात |
| ६ | बृहद् अण्डमानभाषा | अज्ञात |
| कुल | भारतके भाषा | १३४ करोड़ |
शास्त्रीयभाषा
[edit | edit source]२००४ मे, भारत सरकार घोषणा करकै कि कुछ आवश्यकताके पूरा करेवाला भाषाके भारतके "शास्त्रीयभाषा" के दर्जा देल जा सकहे । अगिले कुछ बरिसमे, ढेर भाषाके शास्त्रीय दर्जा देलगेल, आउ बङ्गला, मराठी आउ मणिपुरी (मीतै) सहित अन्य भाषाला माङ्ग करल गेलहे ।
अखनितक शास्त्रीय घोषित करल जायेवाला भाषा -
- तमिल् (२००४ मे)
- संस्कृत (२००५ मे)
- कन्नड (२००८ मे)
- तेलुगु (२००८ मे)
- मलयालम् (२०१३ मे)
- ओड़िआ (२०१४ मे)
२००४ मे "शास्त्रीयभाषा"के पुरातनताके आयुला अस्थायी मानदण्डके अस्तित्वके कम-से-कम १००० बरिस मानल गेलहे ।
सम्बन्धित लेख
[edit | edit source]सन्दर्भ
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