Jump to content

Wp/mag/नारोमुरार

From Wikimedia Incubator
< Wp | mag
Wp > mag > नारोमुरार
नारोमुरार
नगर
३२ फीटके विशालकाय हनुमान् प्रतिमा - नारोमुरार ठाकुरवाड़ी, सन्त हनुमान् दास द्वारा २००१ इस्वीमे निर्मित
३२ फीटके विशालकाय हनुमान् प्रतिमा - नारोमुरार ठाकुरवाड़ी, सन्त हनुमान् दास द्वारा २००१ इस्वीमे निर्मित
नारोमुरार बिहारपर अवस्थित
नारोमुरार
नारोमुरार
बिहारमे स्थिति
निर्देशाङ्क: 25°01′N 85°36′E / 25.02°N 85.60°E / 25.02; 85.60निर्देशाङ्क: 25°01′N 85°36′E / 25.02°N 85.60°E / 25.02; 85.60
देश भारत
प्रान्तबिहार
मण्डलनवादा मण्डल
प्रखण्डवारिसलिगञ्ज
पञ्चायतकुटरी
संस्थापकनारो सिंह आउ मुरार सिंह
जनसङ्ख्या
 (2011)[1]
  कुल२,०३५
भाषा
  प्रचलितमगही
समयमण्डलयुटिसि+५:३० (भारतीय मानक समय)
पिनकोड
805130
टेलीफोन कोड06324
वाहन पञ्जीकरणBR-27
लिङ्गानुपात१००० - ९४४ /
जालस्थलwww.naromurar.in

नारोमुरार भारतके बिहार राज्यके नवादा मण्डलमे स्थित एगो कस्बा हे ।[2][3]

विवरण

नारोमुरार वारिसलिगञ्ज प्रखण्डके प्रशाशानिक क्षेत्रके अन्तर्गत राष्ट्रिय राजमार्ग ३१ से १० किमी आउ बिहार राजमार्ग ५९ से ८ किमी दूर बसल एकमात्र कस्बा हे जे बिहारके नवादा आउ नालन्दा दुनो मण्डलसे सुगमतासे अभिगम्य हे । प्रकृतिके गोदीमे बसल नारोमुरार कस्बा अपना भीतरे असीम संस्कृति आउ परम्पराके समेटले हे । ई भारतके ऊसभ प्राचीनतम कस्बामे से एक हे जने ४०० बरिस पूर्व निर्मित मर्यादा पुरुषोत्तम राम आउ परमेश्वर शिवके समर्पित एगो ठाकुरवाड़ीके साथे १९२० इस्वी, भारतके स्वाधिनतासे २७ बरिस पूर्व निर्मित राजकीयकृत मध्य विद्यालय आउ बरिस १९५६ मे निर्मित एगो जनता पुस्तकालयो हे । पुस्तकालयके उद्घाटन श्रीकृष्ण सिंह खनि बिहारके शिक्षा मन्त्री द्वारा करल गेल हल ।

नामोत्पत्ति

वस्तुतः नार के शाब्दिक अर्थ पानी आउ मुरार के शाब्दिक अर्थ कृष्ण, जिनकर जनम गरुड़ पुराणके अनुसार विष्णुके ८मा अवतारके रूपमे द्वापर युगमे भेल, अर्थात् नारोमुरारके शाब्दिक अर्थ विष्णुगृह - क्षीरसागर हे ।[4] ऐसन मानल जा हे कि १३५२ इस्वीमे नारो सिंह आउ मुरार सिंह नामक दु भाई पहिल प्रवासी हलन जे सपरिवार हियाँ बसलन । समयानुसार ई स्थान फल-फूलके एही दु भाईके नाम पर नारोमुरार कस्बाके रूपमे विकसित भेल ।[उद्धरण चाही]

सम्बन्धित लेख

सन्दर्भ

  1. "Population of Naromurar - Census 2011". Office of the Registrar General & Census Commissioner, India.
  2. "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999
  3. "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810
  4. Garuda Puran published by Geeta Press Gorkhpur ISBN 81-293-0393-0