Wp/mag/हरिमन्दिर साहिब
Appearance
| श्री हरिमन्दिर साहिब | |
|---|---|
| सामान्य जानकारी | |
| स्थापत्य कला | सिख स्थापत्यकला |
| देश | भारत |
| निर्माण आरम्भ | दिसम्बर 1585 |
| पूर्ण | अगस्त 1604 |
| डिजाइन आउ निर्माण | |
| ग्राहक | गुरु अर्जुन देव आउ सिख |
| वास्तुकार | गुरु अर्जुन देव |
श्री हरिमन्दिर साहिब (पञ्जाबीभाषा: ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ; हरिमन्दर साहिब, हरमन्दिर साहिब) सिख धर्मावलम्बीके सबसे पावन धार्मिक स्थल या सबसे प्रमुख गुरुद्वारा है जेकरा दरबार साहिब या स्वर्ण मन्दिर भी कहल जा है । ई भारत के राज्य पंजाब के अमृतसर नगरमे स्थित है आउ एहाँके सबसे बड़ आकर्षण है । पूरा अमृतसर शहर स्वर्ण मन्दिरके चारो दने बसल है । स्वर्ण मन्दिरमे हजारो श्रद्धालु आउ पर्यटक आवऽ हथिन । अमृतसरके नाम वास्तवमे ऊ सरोवरके नाम पर रखल गेलै है जेकर निर्माण गुरु राम दास स्वयं अपन हाथ से कैलथिन हल । ई गुरुद्वारा एही सरोवर के बीचोबीच स्थित है । ई गुरुद्वारा के बाहरी हिस्सा सोनाके बनल है, एहीसे एकरा 'स्वर्ण मन्दिर' के नामोसे जानल जा है ।
इहो देखी
[edit | edit source]सन्दर्भ
[edit | edit source]- ↑ Harban Singh (1998). Encyclopedia of Sikhism. Punjabi University. आई॰ऍस॰बी॰एन॰ 817380530X. नामालूम प्राचल
|coauthors=की उपेक्षा कैल गेल (|author=सुझावित हे) (सहायता);|publisher=मे बाहरी कड़ी (सहायता) - ↑ "The Sikhism Home Page: Introduction to Sikhism". मूल से 30 अगस्त 2013 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 अक्तूबर 2008.