Wp/raj/राजस्थाणी
राजस्थानी आधुनिक हिंद-आर्य भासावां मांय सूं एक है, जिणरौ व्यवहारिक छेत्र राजस्थान राज्य तांई सीमित कोनी बल्कि मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, अर दक्खण रा पठारी क्षेत्रां तांई फैल्योड़ो है। पाकिस्तान रै सिंध अर पंजाब प्रांतां मांय भी इण रा वक्ता है। आ भासा भारत मांय लगैटगै नौ करोड़ लोग बोलै, लिखै अर पढै।
लिखित रूप
[edit | edit source]राजस्थानी भासा पैली मोदी या महाजनी लिपि अर मरुगुर्जरी लिपि मांय लिखी जावती ही। वर्तमान में आ आधुनिक देवनागरी लिपि में लिखी जावै। पाकिस्तान मांय इण भासा नै लिखण सारू सिंधी लिपि रो प्रयोग करीजै है। पण घणकरा साहित्य, आधुनिक पत्रिकावां अर भासा सूं जुड़िया आंदोलन फगत भारत मांय ई केन्द्रित है।
सबदकोस [1]
[edit | edit source]डॉ. सीताराम लालस (29 दिसम्बर 1908 - 29 दिसम्बर 1986) एक भारतीय कोसकार अर भाषाविद् हा। बां राजस्थानी रो पैलो सबदकोस रच्यो, जिणरौ नांव 'राजस्थानी शब्दकोष' राख्यौ। वां 'राजस्थानी-हिंदी मोटो सबदकोस' भी रच्यो। इनसाइक्लोपीडिया ऑफ ब्रिटानिका मांय सीताराम लालस नै ‘राजस्थानी भासा रो मशालधारी’ बतायो गयो है। भारत सरकार सीताराम लाल नै पद्मश्री पुरस्कार सूं सम्मानित करियो।
सीताराम लालस रो जलम 25 नवंबर, 1912 नै आपरै मातृ गृह सिरवाडी गांव बाड़मेर जिलै मांय हुयो। मूलतः जोधपुर जिले रै नारेवा गांव रा रैवासी हा। युवा लालास डिंगल सबदकोस री उपयोगिता माथै संदेह जतायो अर इणरी तीखी आलोचना करी। इण माथै पुजारी जी उणनै चिट्ठी लिखी अर समझायो कै दिल्ली अजै दूर है, थनै बात कम करणी चाइजै अर ज्यादा काम करणो चाइजै। ओ ई पाठ बां रै जीवण रो चावी मुहावरो बणग्यो अर बां संकल्प लियो कै राजस्थानी भासा रो असो सबदकोस तैयार करूं जिण मांय राजस्थानी भासा रो कोई भी सबद छुट्यो नीं जावैला। आपरै संकल्प नै ठोस रूप देवण सारू लालास जी आपरै परिवार, निजी जीवण अर सगळी सुख-सुविधावां नै भूलग्या अर लगैटगै आधी सदी तांई मेहनत करियां पछै एक सबदकोस तैयार करियो।
आबाळी पीढियां नै देख’र अचंभित रैसी कै किण भांत एक साधारण अर साधनहीन मिनख दस खंडां मांय दो लाख सूं बेसी सबदां री राजस्थानी सबदकोस री आ अमर पोथी त्यार कर सक्यो हो। राजस्थान साहित्य अकादमी सन् १९७३ मांय साहित्य मनीषी, सन् १९७६ मांय जोधपुर विश्वविद्यालय डी.लिट्ट री मानद उपाधि अर २६ जनवरी १९७७ नै भारत सरकार पद्मश्री सूं सम्मानित करी।
29 दिसम्बर 1986 नै जोधपुर में वां रो देहांत हुयो।