Wp/mag/सरदार हरि सिंह नलवा
| हरि सिंह नलवा ਹਰੀ ਸਿੱਘ ਨਲੂਆ | |
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सरदार हरि सिंह नलवाके ब्रिटिश सङ्ग्रहालयमे स्थित चित्र | |
| नाम | हरि सिंह नलवा |
| उपनाम | बाघ मार |
| जन्म | १७९१ गुजराँवाला, सिख साम्राज्य |
| मृत्यु | १८३७ जमरूद, सिख साम्राज्य |
| निष्ठा | |
| सेवा/शाखा | सिख खालसा सेना |
| सेवा वर्ष | 1804–1837 |
| उपाधि |
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| नेतृत्व | |
| युद्ध/झड़प |
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| सम्मान | इजाजी-ए-सरदारी |
| सम्बन्ध |
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सरदार हरि सिंह नलवा (ਹਰੀ ਸਿੱਘ ਨਲੂਆ ; 26 अप्रैल 1791 - 1837), महाराजा रणजीत सिंहके सेनाध्यक्ष हलथिन जे पठान के विरुद्ध कैल गेल ढेर युद्धके नेतृत्व कैलथिन । रणनीति आउ रणकौशलके दृष्टिसे हरि सिंह नलवाके तुलना भारतके श्रेष्ठ सेनानायकसे कैल जा सकऽ है । ऊ कसूर, सियालकोट, अटक, मुल्तान, कश्मीर, पेशावर आउ जमरूदके जीतके पीछे हरि सिंह के नायकत्व हलै । ऊ सिख साम्राज्यके सीमाके सिन्धु नदीके परे ले जाके खैबर दर्राके मुहाना तक पहुँचा देलथिन । हरि सिंहके मृत्युके समय सिख जाट साम्राज्य के पश्चिमी सीमा जमरुद तक पहुँच चुकलै हल ।
हरि सिंह नलवा कश्मीर पर विजय प्राप्त करके अपन लोहा मनवौलथिन । एही न, काबुलो पर सेना चढ़ाके जीत दर्ज कैलथिन । खैबर दर्रासे होवेवाला अफगान आक्रमणसे देश के मुक्त कैलथिन । इतिहासमे पहिल बेर होलै हल कि पेशावरी पश्तून, पञ्जाबी द्वारा शासित हल ।
हरि सिंह नलवा कश्मीर, पेशावर आउ हजाराके प्रशासक (गवर्नर) हलथिन । सिख साम्राज्य दनेसे एक मुद्रालय स्थापित कैलथिन हल ताकि कश्मीर आउ पेशावरमे राजस्व इकट्ठा कैल जा सके ।
इहो देखी
[edit | edit source]सन्दर्भ
[edit | edit source]- 1 2 3 4 Singhia (2009), पृ॰ 96