Wp/mag/अग्निदेव
Appearance
| अग्निदेव | |
|---|---|
| आगके देवता | |
| सम्बन्ध | देवता |
| मन्त्र | ॐ अग्नये स्वाहा । इदं अग्नये इदं न मम ।। |
| अस्त्र | तलवार |
| जीवनसङ्गी | स्वाहा |
| माता-पिता | |
| भाई-बहिन | पवनदेव , सप्तऋषि , सनकादि ऋषि , नारद मुनि , दक्ष प्रजापति |
| सन्तान | पावक, पवमान, शुचि, स्वरोचिष मनु आउ नील |
| सवारी | भेड़ |
अग्नि हिन्दुधर्ममे आगके देवता हथ । ई सब देवताला यज्ञबस्तु भरण करेके माध्यम मानल जाहथ -- एहिसे उनखर उपाधि भारत हे । बैदिककाल सँ अग्नि सबसे ऊँचा देवमे सँ हथ । पौराणिक जुगमे अग्निपुराण नामक एगो ग्रन्थो रचित होएल । हिन्दुधरम बिधिमे यज्ञ, हवन आउ बियाहसब मे अग्निए द्वारा देवताके पूजा करल जाहे । इनखर माता पिता भगवान् ब्रह्मा आउ देवी सरस्वती हथ ।
परिवार
सामूहिक यज्ञ नामक पुस्तकके अनुसार अग्निके पत्नीके नाम स्वाहा हलै जे कि दक्ष प्रजापति आउ प्रसूतिके पुत्री हलन ।[1] उनकर चार पुत्र पावक, पवमान, शुचि आउ स्वरोचिष मनु आउ नील हलन । एकरेमे से एक द्वितीय मनु, स्वरोचिष मनु होलन आउ एही तीनोसे ४५ प्रकारके अग्निके प्राकट्य होलै ।[2]
सन्दर्भ