Wy/hi/बिहार

From Wikimedia Incubator
< Wy‎ | hiWy > hi > बिहार
Jump to: navigation, search
महाबोधि मंदिर

बिहार भारत का एक राज्य है। बिहार की राजधानी पटना शहर है। बिहार अपने ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। इसक पश्चिम में उत्तर प्रदेश, पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में झारखण्ड और उत्तर में नेपाल है। गंगा नदी इसके भूभाग को दो अलग अलग भागों में बांटती है। जिसका बहाव पश्चिम दिशा से होते हुए पूर्व दिशा की ओर होता है।

क्षेत्र[edit]

सांस्कृतिक-ऐतिहासिक दृष्टि से बिहार को चार क्षेत्रों में बाँटा जा सकता है। इन चारों क्षेत्रों में क्रमशः अंगिका, भोजपुरी, मगही और मैथिली भाषाएँ बोली जाती हैं। इन भाषाओं के सामूहिक रूप से बिहारी भाषाओं के नाम से जाना जाता है। ये सभी मागधी प्राकृत से उपजी भाषाएँ हैं। मागधी प्राकृत ही संभवतः बुद्धकाल में इस इलाके की प्रचलित भाषा थी।

  • अंग - राज्य के पूर्वी भाग में
  • भोजपुर - राज्य का पश्चिमी भाग
  • मगध - दक्षिणी और द. पूर्वी भाग, तथा
  • मिथिला - उत्तर-पूर्वी भाग।

शहर[edit]

  • पटना — राज्य की राजधानी और सबसे बड़ा नगर है।
  • भागलपुर — पूर्वी बिहार, अर्थात अंग क्षेत्र का सबसे बड़ा नगर है।
  • बिहार शरीफ़ — एक क़स्बा जहाँ मध्यकालीन स्थापत्य मौजूद हैं।
  • दरभंगा — मिथिला क्षेत्र का सांस्कृतिक महत्त्व का शहर।
  • गया — हिंदू और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक तीर्थ स्थल है।
  • मुँगेर — मगध क्षेत्र में एक शहर।
  • मुजफ्फरपुर — उत्तरी बिहार का प्राचीन समय से वाणिज्यिक केंद्र रहा है।
  • राजगीर — प्राचीन मगध राजवंश की राजधानी।
  • सासाराम — भोजपुरी क्षेत्र के दक्षिणी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है।

अन्य जानकारी[edit]

प्राचीन बिहार मगध और मौर्य साम्राज्यों का जन्मस्थल रहा है, जिन्होंने लगभग पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर अपना विस्तार किया था। वर्ष 185 में मौर्य साम्राज्य का पतन होना शुरू हो गया। संभवतः मौर्य साम्राज्य के बाद के उत्तराधिकारी इतने बड़े साम्राज्य को चलाने में पूरी तरह से कुशल नहीं थे। 1990 के दशक में यह गंभीर मंदी, गरीबी, भ्रष्टाचार और अपराध के लिए जाना जाता था। वर्ष 2005 के बाद से इस ओर कई सुधार हुए हैं।

बिहार में 85% युवा मुख्य रूप से ग्रामीण आबादी में आते हैं। यहाँ मुख्य रूप से कृषि ही रोजगार का सबसे प्रमुख माध्यम है। उत्तरी बिहार में बारहमासी बाढ़ का खतरा रहता है। पिछले कई वर्षों में यहाँ से लोगों का बहुत बड़े पैमाने पर पलायन भी देखने को मिला है। पहले के दशकों में यहाँ, मुख्य रूप से दक्षिण बिहार में, नक्सलियों का आतंक रहता था लेकिन धीरे-धीरे अब यह भी कम हो गया है।

इतिहास[edit]

विदेह कुण्डपुर, वैशाली, बिहार से प्राप्त मुहर, जिसमें ब्राह्मी लिपि में जानकारी अंकित है।

बिहार का इतिहास अति गौरवमयी रहा है। इसे पहले मगध के नाम से जाना जाता था। शिक्षा और संस्कृति से युक्त यह जगह उस समय पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के शक्ति का केन्द्र था। पाटलिपुत्र (वर्तमान में पटना) मगध की राजधानी था।

बाद में इस स्थान पर कई बाहरी लोगों द्वारा हमले हुए। इसके प्राचीन संस्कृति और ज्ञान को 12वीं सदी के अंत तक लगभग समाप्त ही कर दिया गया था। बिहार शब्द वास्तविक में एक शहर का नाम था। इसे मुख्यालय के रूप में उपयोग किया जाता था। बाद में इसे बिहार से पटना में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद मगध को बिहार के नाम से बोला जाने लगा। बिहार नामक शहर अभी भी उपस्थित है, जिसे अब बिहार-शरीफ के नाम से जाना जाता है।

मौसम[edit]

बिहार के पहाड़

बिहार की जलवायु नम ऊष्णकटिबंधीय है। यहाँ गर्मियाँ काफी गर्म और जाड़े के दिन काफी ठंडे होते हैं। वर्षा पर्याप्त मात्रा में होती है और पूरब से पश्चिम की ओर घटती जाती है। उत्तरी बिहार में दक्षिणी हिस्से की अपेक्षा अधिक वर्षा होती है। नेपाल से सटा तराई (नमभूमि) वाला प्रदेश बिहार में भी विस्तृत है। इसमें गंगा और उसकी सहायक नदियाँ सहायता करती हैं। बिहार में बहुत बड़ा हिस्सा उपजाऊ है। इन नदियों की शुरुआत हिमालय से होती है। यह नेपाल के अंदरूनी हिस्सों से और उत्तर बिहार से होते हुए बिहार के पहाड़ों से इसके भूभाग, जलवायु और संस्कृति को प्रभावित करती है। बिहार का कुल क्षेत्र 94,163 वर्ग किलोमीटर (36,357 वर्ग मीटर) है। यह 24°-20'-10" उत्तर ~ 27°-31'-15" उत्तर अक्षांश और 83°-19'-50" पूर्व ~ 88°-17'-40" पूर्व देशांतर के मध्य स्थित है। समुद्र के सतह से इसकी औसत ऊँचाई 173 फीट (53 मीटर) है।

भाषाएँ[edit]

हिंदी एवं उर्दू को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। संपर्क भाषा के रूप में हिंदी और हिन्दुस्तानी भाषा का व्यवहार होता है और क्षेत्र अनुसार अंगिका, बज्जिका, भोजपुरी, मैथिली और मगही लोगों की अलग-अलग मातृभाषायें हैं। साहित्य की भाषा मुख्य रूप से हिंदी है जबकि कई उर्दू के अखबार भी प्रचलित हैं।

खाना[edit]

चीवड़ा और मटर

आम उत्तर भारतीय खाना सबसे प्रचलित भोजन है जिसमें चावल, दाल और सब्जियाँ प्रमुख होती हैं। चावल प्रधान क्षेत्र होने के कारण यहाँ रोटी का प्रचलन चावल की तुलना में कम अवश्य है परन्तु यह सभी जगह उपलब्ध होती है। नम क्षेत्र और नदियों की भूमि होने के कारण मछली यहाँ का प्रिय भोजन है।

अन्य प्रमुख खाने निम्नलिखित हैं:

  • लिट्टी-चोखा - अब बिहार की पहचान के रूप में स्थापित हो चला है हालाँकि यह भोजपुरी क्षेत्र के उस हिस्से में भी व्यापक रूप से प्रचलित है जो उत्तर प्रदेश में पड़ता है। आटे की गोल लोइयों में भुने चने का पिसा हुआ सत्तू मसालों के साथ मिला कर भरा जाता है और इसे उपले की आग पर सेंका जाता है, इसे लिट्टी, भउरी अथवा छोटे आकर की होने पर फुटेहरी कहते हैं। आलू और बैंगन को भूनकर मसालों के साथ उसका चोखा बनाया जाता है। यह यहाँ का आम प्रचलित खाना है और लगभग सभी शहरों में सड़कों के किनारे ठेले पर मिल सकता है।
  • सत्तू - मुख्यतः जौ और चने को भूनकर पीसा हुआ आटा होता है। इसे सीधे पानी में सान कर भी खाया जाता है या घोल कर पेय के रूप में भी पीते हैं।
  • चिउड़ा-दही (या दही-चूड़ा) - धान के चिवड़े (पोहे) को ताजी दही के साथ खाया जाता है। मिथिला और भोजपुरी क्षेत्र में काफी प्रचलित है।

पीना[edit]

  • आम झोरा - हरे रंग के आम अर्थात कच्चे आम के रस से इसे बनाया जाता है और इसे पानी, नमक, मिर्ची आदि के साथ मिलाया जाता है। इसे मुख्य रूप से ग्रीष्म ऋतु के दौरान दिया जाता है, क्योंकि इस दौरान यह गर्म हवाओं जैसे लू आदि से बचाता भी है।
  • लस्सी - एक प्रकार का मीठा शर्बत होता है, जिसे शक्कर, सूखे फलों आदि से मिला कर बनाया जाता है। इसे भी मुख्य रूप से ग्रीष्म ऋतु में दिया जाता है।

इन्हें भी देखें[edit]