Wp/mag/हनुमान्
| श्री हनुमान् | |
|---|---|
| शक्ति, ज्ञान, भक्ति एवं विजयके भगवान, बुराईके सर्वोच्च विध्वंसक, भक्त सबके रक्षक बल, बुद्धि आउ विद्याके दाता[1] | |
भगवान् हनुमान् | |
| अन्यनाम | महाबली, महावीर, पवनपुत्र, फाल्गुनीशाखा, अञ्जनीसुत, केसरीनन्दन, रामेष्ट, बजरङ्गबली, वायपुत्र, सीताशोकविनाशक, लक्ष्मण प्राणदाता, आदि वर्धन्य वर्धनराज |
| सम्बन्ध | वानर, रुद्र अवतार, रामके भक्त, चिरञ्जीवी, शिवके अवतार (शैव धर्म),[2]वायुके पुत्र आउ अवतार (वैष्णव धर्म)[3] |
| निवासस्थान | जने राम कथा ओने हनुमान् |
| मन्त्र | ॐ श्री हनुमते नमः |
| अस्त्र | गदा, वज्र आउ ध्वजा |
| दिवस | मङ्गलवार आउ शनिवार |
| वर्ण | लाल |
| माता-पिता | |
| भाई-बहिन | मतिमान, श्रुतिमान, गतिमान, केतुमान, धृतिमान (अपन छोट भाई) |
| सन्तान | मकरध्वज (पसेनासे उत्पन्न होल) |
| सवारी | वायु |
| शास्त्र | रामायण आउ हनुमान् चालीसा[4] |
हनुमान् हिन्दुके आराध्य देवता हथिन । अधिकतर स्थान पर इनका भगवान शिवके अवतार बतावल गेलै हे । ऊ भगवान रामके परम भक्त आउ प्रिय हथिन । हनुमानके 'चिरञ्जीवी' (चिरकाल तक जीवित रहे वाला) मानल जा है ।
जन्म
हनुमान् वानरके राजा केसरी आउ उनकर पत्नी अञ्जनाके छौ पुत्रमे सबसे बड़ आउ पहिले पुत्र हथिन । रामायणके अनुसार ऊ जानकीके अत्यधिक प्रिय हथिन । ई धरा पर आठ चिरञ्जीवी हथिन । ओकरामे से सातके अमरत्वके वरदान प्राप्त है । ओकरामे बजरङ्गोबली हथिन आउ एकके श्रापके चलते अमरत्व भेटलै । हनुमानजीके अवतार भगवान रामके सहयोगला होलै । हनुमानजीके पराक्रमके असङ्ख्य गाथा प्रचलित है ।
ज्योतिषी सबके सटीक गणनाके अनुसार हनुमानजीके जनम ८५ लाख ५८ हजार ११२ बरस पहिले त्रेतायुगके अन्तिम चरणमे चैत्र पूर्णिमाके मङ्गलवारके दिन चित्रा नक्षत्र आउ मेष लग्नके योगमे भोरे ६.०३ बजे भारत देशमे महाराष्ट्र राज्यके नाशिक जिलामे अञ्जनेरी पर्वत पर होलै हल जेकरा पहिले ऋषिमुख पर्वत कहल जा हलै ।
इनका बजरङ्गबलीके रूपमे जानल जा है काहेकि इनकर शरीर एगो वज्र नियन है । ऊ पवन-पुत्रके रूपमे जानल जा हथिन । वायु अथवा पवन (हवाके देवता) हनुमानके पोसेमे महत्वपूर्ण भूमिका निभौलन हल ।
मारुत (संस्कृत: मरुत्) के अर्थ हवा है । नन्दनके अर्थ पुत्र है । हिन्दु पौराणिक कथाके अनुसार हनुमान् "मारुति" अर्थात् "मारुत-नन्दन" (वायुके पुत्र) हथिन ।
बाल्यकाल, शिक्षा एवं श्राप
हनुमानजीके धर्म पिता वायु हलन । एही कारण उनका पवन पुत्रके नामोसे जानल जा है ।[5][6] बचपनेसे दिव्य होवेके साथे साथे उनकर भीतरे असीमित शक्तिके भण्डार हलै ।

इनकर जनमके पश्चात् एक दिन ऊ उदय होइत सूरजके फल समझके ओकरा खाएला ओकरा दने जाए लगलन हल ।
हनुमानजी बालपनमे बड़ी नटखट हलन । ऊ अपन ई स्वभावसे साधु-सन्तके सतावऽ हलन । बहुधा ऊ उनकर पूजा सामग्री आउ आदि ढेर वस्तुके छीन-झपट ले हलन । उनकर ई नटखट स्वभावसे रुष्ट होके साधु सब उनका अपन शक्तिके भूला जाएके एगो लघु शाप दे देलन । ई शापके प्रभावसे हनुमान् अपन सब शक्तिके अस्थाई रूपसे भूला जा हलन आउ पुनः कोनो अन्यके स्मरण करावहीँ पर उनका अपन असीमित शक्तिके स्मरण होवऽ हलै । ऐसन मानल जा है कि यदि हनुमान् शाप रहित होथिन त रामायणमे राम-रावण युद्धके स्वरूप पृथके (भिन्न, न्यारा) होतै हल । कदाचित ऊ अपने रावण सहित सम्पूर्ण लङ्काके समाप्त कर देथिन हल ।
हनुमानके नामकरण
इन्द्रके वज्रसे हनुमानजीके ठुड्डी (संस्कृत: हनु) टूट गेलै हलै ।[उद्धरण चाही] एहीसे उनका हनुमानके नाम देल गेलै । एकर इलावा ऊ अनेक नामसे प्रसिद्ध हथिन जैसे बजरङ्गबली, मारुति, अञ्जनिसुत, पवनपुत्र, सङ्कटमोचन, केसरीनन्दन, महावीर, कपीश, शङ्कर सुवन आदि ।[7]
हनुमानजीके रूप
हिन्दु महाकाव्य रामायणके अनुसार हनुमानजीके वानरके मुख वाला अत्यन्त बलिष्ठ पुरुषके रूपमे देखावल जा है । इनकर शरीर अत्यन्त मांसल एवं बलशाली है । उनकर कन्धा पर जनेऊ लटकल रहऽ है । हनुमानजीके मात्र एगो लङ्गोट पेहेनले अनावृत शरीरके साथ देखावल जा है । उनका मस्तक पर स्वर्ण मुकुट आउ शरीर पर स्वर्ण आभुषण पेहेनले देखावल जा है । उनकर वानरके समान लम्बा पोँछ है । उनकर मुख्य अस्त्र गदा मानल जा है । उनकर मुख पर जे तेज है ऊ अतुलनीय है । उनकर शरीर पर्वतके समान विशाल आउ कठोर है उनकर मुख पर सदेव राम नामके धुन रहऽ है ।
एकरो देखथिन
सन्दर्भ
- ↑ "Hanuman: A Symbol of Unity". The Statesman (India). 21 Jan 2021. मूलसे 31 जनवरी 2021 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 21 January 2021.
- ↑ Brown, N.R. (2011). The Mythology of Supernatural: The Signs and Symbols Behind the Popular TV Show. Penguin Publishing Group. प॰ 44. आई॰ऍस॰बी॰एन॰ 978-1-101-51752-9. अभिगमन तिथि 2024-01-04.
- ↑ Williams, G.M. (2008). Handbook of Hindu Mythology. Handbooks of world mythology. OUP USA. प॰ 148. आई॰ऍस॰बी॰एन॰ 978-0-19-533261-2. अभिगमन तिथि 2024-01-04.
- ↑ Brian A. Hatcher (2015). Hinduism in the Modern World. Routledge. आई॰ऍस॰बी॰एन॰ 978-1-135-04630-9.
- ↑ Bibek Debroy (2012). The Mahabharata: Volume 3. Penguin Books. पप॰ 184 with footnote 686. आई॰ऍस॰बी॰एन॰ 978-0-14-310015-7.
- ↑ J. Gordon Melton; Martin Baumann (2010). Religions of the World: A Comprehensive Encyclopedia of Beliefs and Practices, 2nd Edition. ABC-CLIO. पप॰ 1310–1311. आई॰ऍस॰बी॰एन॰ 978-1-59884-204-3.
- ↑ "हनुमान जी के 12 नाम (Hindi-English)". Hanumanchalisas.com (Hindi मे). 2024-03-23. अभिगमन तिथि 2025-08-20.