Wp/mag/स्थितिज ऊर्जा


अन्य वस्तुके साथ अपन सापेक्ष स्थितिके कारण या स्वयंके भीतरे तनावके कारण, विद्युत आवेश या अन्य कारकके कारण केहु वस्तुमे जे ऊर्जा होवहे ओकरा स्थितिज ऊर्जा (potential energy) कहल जा हे । एकर अन्तर्राष्ट्रिय इकाई मात्रक जूल हे । स्थितिजके विमीय सूत्र ML2T-2 हे ।
ई प्रकार यदि केहु वस्तुके भूमिके सतहसे ऊपरे उठा देल जाये त ओकरामे स्थितिज ऊर्जा सञ्चित हो जा हे (वस्तुके छोड़ेपर ऊ धरती दन्ने गिरहे आउ ओकर स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जामे बदल जा हे । यदि ई वस्तु कौनो दोसर वस्तुके ऊपरे गिरे त ओकर ई गतिज ऊर्जा उष्मीय ऊर्जा एवं ध्वनि ऊर्जामे बदल जा हे ।
एही प्रकार तनाएल या दबाएल स्प्रिङ्गोमे स्थितिज ऊर्जा होवहे । ऊँचाई पर भण्डारित जलमे स्थितिज ऊर्जा होवहे जेकर प्रयोग जलविद्युत उत्पन्न करेमे कैल जा हे । एक-दोसराके कुछ दूरत्व पर रखल दु आवेशके निकायोमे स्थितिज ऊर्जा लुकाएल हे । धनुषके डोरी जखनि तनल होवे त ओकरामे स्थितिज ऊर्जा हे ।
धरतीके सतह भिरु कौनो वस्तुके स्थितिज ऊर्जा = m g h , जन्ने m वस्तुके द्रव्यमान, g गुरुत्वजनित त्वरण एवं h भूमिके सतहसे ऊँचाई हे ।
अवलोकन
विभिन्न प्रकारके सम्भावित ऊर्जा होवहे, जेकरामे से प्रत्येक एक विशेष प्रकारके बलसे जुड़ल होवहे । उदाहरणला लोचदार बलके कार्यके लोचदार सम्भावित ऊर्जा कहल जा हे; गुरुत्वाकर्षण बलके कार्यके गुरुत्वाकर्षण सम्भावित ऊर्जा कहल जा हे; कूलम्ब बलके कार्यके विद्युत सम्भावित ऊर्जा कहल जा हे; बैरियन आवेश पर कार्य करेवाला बरियार परमाणु बल या कमजोड़ परमाणु बलके कार्यके परमाणु सम्भावित ऊर्जा कहल जा हे; अन्तराणविक बलके कार्यके अन्तराणविक सम्भावित ऊर्जा कहल जा हे । रासायनिक सम्भावित ऊर्जा, जैसे कि जीवाश्म ईन्धनमे सङ्ग्रहीत ऊर्जा, परमाणु आउ अणुमे इलेक्ट्रोन आउ नाभिकके विन्यासके पुनर्व्यवस्था खन्नि कूलम्ब बलके कार्य हे । तापीय ऊर्जामे आमतौर पर दु घटक होवहे: कणके यादृच्छिक गतिके गतिज ऊर्जा आउ उनकर विन्यासके सम्भावित ऊर्जा । विभवसे व्युत्पन्न बलके संरक्षी बलो कहल जा हे । संरक्षी बल द्वारा कैल गेल कार्यजन्ने बलसे जुड़ल सम्भावित ऊर्जामे परिवर्तन हे । ऋणात्मक चिह्न ई परम्परा प्रदान करहे कि बल क्षेत्रके विरुद्ध कैल गेल कार्य सम्भावित ऊर्जाके बढ़ावहे, जखनकि बल क्षेत्र द्वारा कैल गेल कार्य सम्भावित ऊर्जाके घटावहे । सम्भावित ऊर्जाला सामान्य सङ्केतन PE, U, V आउ Ep हे । सम्भावित ऊर्जा कौनो वस्तुके अन्य वस्तुके सापेक्ष स्थितिके आधार पर ऊर्जा हे । [1] सम्भावित ऊर्जाके अक्सर बल जैसे कि स्प्रिङ्ग या गुरुत्वाकर्षणके बलके बहाल करेसे जोड़ल जा हे । स्प्रिङ्गके खीचे या द्रव्यमानके उठावेके क्रिया एक बाहरी बल द्वारा कैल जा हे जे सम्भावित बल क्षेत्रके विरुद्ध काम करहे । ई कार्य बल क्षेत्रमे सग्रहीत होवहे, जेकरा सम्भावित ऊर्जाके रूपमे सङ्ग्रहीत कहल जा हे । यदि बाहिरी बल हटा देल जा हे, त बल क्षेत्र कार्य करेला शरीर पर कार्य करहे काहेकि ई शरीरके प्रारम्भिक स्थितिमे वापिस ले जा हे, जेकरासे स्प्रिङ्गके खिँचाव कम हो जा हे या शरीर गिर जा हे ।
एक गेन्दा पर विचार करी, जेकरा द्रव्यमान m हे जेकरा h ऊँचाईसे गिरावल गेल हे । मुक्त गिरावटके त्वरण g लगभग स्थिर हे, एहीसे गेन्दाके भार बल mg स्थिर हे । बल आउ विस्थापनके गुणनफल कैल गेल कार्य दे हे, जे गुरुत्वाकर्षण सम्भावित ऊर्जाके बराबर होवहे, ई प्रकारअधिक औपचारिक परिभाषा ई हे कि सम्भावित ऊर्जा कौनो देल गेल स्थान पर कौनो वस्तुके ऊर्जा आउ सन्दर्भ स्थिति पर ओकर ऊर्जाके बीच ऊर्जा अन्तर हे ।
इहो देखी
सन्दर्भ
- ↑ Brown, Theodore L. (2006). Chemistry The Central Science. Upper Saddle River, New Jersey: Pearson Education, Inc. पप॰ 168. आई॰ऍस॰बी॰एन॰ 0-13-109686-9.