Wp/mag/शङ्कु-परिच्छेद

गणितमे कौनो लम्ब वृत्तीय शङ्कुके एक समतल द्वारा परिच्छेद करेसे प्राप्त वक्र (curves) के शाङ्कव या शङ्कु-परिच्छेद (conic section) कहल जा हे ।
शाङ्कवके एक अन्य परिभाषाके अनुसार शाङ्कव (समतलमे) कौनो ऐलन चर बिन्दुके बिन्दुपथ हे जेकर एक निर्धारित बिन्दु एवं एक निर्धारित रेखासे दूरीके अनुपात हमेशा स्थिर (अचर) रहहे । ई परिभाषाके प्रयोग करके कौनो निर्देशाङ्क पद्धतिमे शाङ्कवके एक गणितीय समीकरणके रूपमे प्राप्त कर सकही
शाङ्कवके अवयव
यदि कौनो बिन्दु ई प्रकारसे गमन करहे कि ओकर एक स्थिर बिन्दुसे दुरी एवं ओकर एक स्थिर सरल रेखासे दुरीके अनुपात सदैव एक अचर सङ्ख्या (Constant) होवे, त ऊ बिन्दुके बिन्दुपथके एक शङ्कु परिच्छेद कहल जाहे ।
- नाभि
शाङ्कवके परिभाषामे प्रयुक्त एक निश्चित बिन्दु शाङ्कवके नाभि (फोकस) कहला हे । - नियता
शाङ्कवके परिभाषामे प्रयुक्त एक निश्चित रेखा शाङ्कवके नियता कहला हे । - उत्केन्द्रता
शाङ्कवके परिभाषामे प्रयोग कैल गेल निश्चित अनुपातेके उत्केन्द्रता कहल जाहे । एकरा e से दर्शावल जाहे ।
- e = (चर बिन्दुके नाभिसे दूरी) / (चर बिन्दुके नियतासे दूरी)
- अक्ष
शाङ्कवके नियताके लम्बवत आउ नाभि (फोकस) से जायेवाला रेखा अक्ष होवहे' - शीर्ष
शाङ्कवके अक्ष जे बिन्दु पर वक्रके काटहे ऊ बिन्दु, - शीर्ष पर स्पर्शी
शाङ्कव अक्षके लम्बवत शीर्षसे जायेवाला स्पर्श रेखा ।
शाङ्कवके विभिन्न रूप

समतल आउ लम्ब वृत्तीय शङ्कुके परिच्छेदसे प्राप्त वक्रके स्वरूप ई बात पर निर्भर करहे कि समतल, शङ्कुके कौन प्रकारसे काटहे ।
शाङ्कवके अन्तर्गत निम्नलिखित वक्र आवहे:
- वृत्त (circle) :
- दीर्घवृत्त (ellipse) :
- परवलय (parabola) :
- अति परवलय (hyperbola) :
- रेखा-युग्म (pair of straight lines) : e = अनन्त


बीजीय समीकरण
कार्तीय निर्देशाङ्कमे, सभ शङ्कु परिच्छेदके x आउ y मे एक द्विघात समीकरण द्वारा व्यक्त कैल जा सकहे ।
ई समीकरणके गुणाङ्कके मान एवं आपसी सम्बन्धके आधार पर ई निर्धारित होवहे कि ई समीकरण वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय आउ अतिपरवलयमे से कौन हे ।
- h² > ab: अतिपरवलय
- h² = ab: परवलय
- h² < ab: दीर्घवृत्त
- a = b आउ h = 0: वृत्त
विशेषता
| शाङ्कव | समीकरण | उत्केन्द्रता (e) | रैखिक उत्केन्द्रता (c) | semi-latus rectum (ℓ) | focal parameter (p) |
|---|---|---|---|---|---|
| वृत्त | |||||
| दीर्घवृत्त | |||||
| परवलय | |||||
| अतिपरवलय |

बाहरी कड़ी
- शाङ्कवके उत्पत्ति
- शाङ्कव
- Determinants and Conic Section Curves
- प्रकृतिमे शाङ्कवके उपस्थिति
- शाङ्कव - शाङ्कव पर एक सरल, स्पष्ट आउ सुबोध लेख

