Wp/mag/विद्युत प्रवाह
| विद्युत प्रवाह | |
|---|---|
एक साधारण वैद्युतिक परिपथ, जन्ने प्रवाहके अक्षर I द्वारा दर्शावल जा हे । भोल्टेज (V), प्रतिरोध (R) आउ प्रवाह (I) के मध्य सम्बन्ध V = IR हे; एकरा ओमके नियमके रूपमे जानल जा हे । | |
सामान्य प्रतीक | I |
| एसआइ इकाई | एम्पियर |
अन्य मात्रा से व्युत्पन्न | |
| आयाम | |

वैद्युतिक आवेशके गति या प्रवाहमे होवेपर ओकरा वैद्युतिक प्रवाह कहल जा हे । मात्रात्मक रूपसे आवेशके प्रवाहके दरके विद्युत प्रवाह कहल जा हे । अथवा "विभावान्तरके अधीन कौनो चालकमे आवेश प्रवाहके दरके विद्युत प्रवाह कहल जा हे । एकर एसआइ मात्रक एम्पियर हे । एक कूलाम प्रति सेकेण्डके दरसे प्रवाहित विद्युत आवेशके एक एम्पियर प्रवाह कहब ।
परिभाषा
| प्रवाहके परिमाण | युक्ति |
|---|---|
| 1 mA | मानवके एकर आभास हो पावहे । |
| 10 mA | प्रकाश उत्सर्जक डायोड |
| 100 mA | विद्युतके झटका |
| 1 A | बल्ब |
| 10 A | 2000 W के हीटर |
| 100 A | मोटरगाड़ीके स्टार्टर मोटर |
| 1 kA | रेलगाड़ीके मोटर |
| 10 kA | ऋणात्मक तड़ित |
| 100 kA | धनात्मक तड़ित |
कौनो सतह, जैसे कौनो ताम्बाके चालकके खण्ड (cross-section) से प्रवाहित विद्युत प्रवाहके मात्रा (एम्पीयरमे नापल गेल) के परिभाषित कैल जा सकहे ।
यदि कौनो चालकके कौनो अनुप्रस्थ काटसे Q कूलामके आवेश t समयमे निकली; त औसत प्रवाह
नापेके समय t के शून्य (rending to zero) बनाके, हमनीके तत्क्षण प्रवाह i(t) भेटहे :
- I = Q / t (यदि प्रवाह समयके साथे अपरिवर्ती होवे)
विद्युत प्रवाहके SI इकाई एम्पियर हे । परिपथके विद्युत प्रवाह नापेला जे यन्त्रके प्रयोग कैल जा हे ओकरा एमीटर कहल जा हे ।
एम्पीयरके परिभाषा: कौनो विद्युत परिपथमे 1 कूलाम आवेश 1 सेकेण्डमे प्रवाहित होवहे त ऊ परिपथमे विद्युत प्रवाहके मान 1 एम्पियर होवहे ।
- उदाहरण
कौनो तारमे 10 सेकेण्डमे 50 कूलाम आवेश प्रवाहित होवहे त ऊ तारमे प्रवाहित विद्युत प्रवाहके मान 50 कूलाम / 10 सेकेण्ड = 5 एम्पियर

प्रवाह घनत्व
इकाई क्षेत्रफलसे प्रवाहित होवेवाला प्रवाहके मात्राके प्रवाह घनत्व (करेण्ट डेन्सिटी) कलल जा हे । एकरासे J से प्रदर्शित कैल जा हे ।
यदि कौनो चालकसे I प्रवाह प्रवाहित होवैत हे आउ प्रवाहके प्रवाहके लम्बवत ऊ चालकके क्षेत्रफल A होवे त,
प्रवाह घनत्व
एकर इकाई एम्पियर / वर्ग मीटर होवहे ।
हियाँ ई मान लेल गेल हे कि प्रवाह घनत्व, चालकके पूरे अनुप्रस्थ क्षेत्रफल पर एक समान हे । किन्तु अधिकांश स्थितिमे ऐसन नै होवहे । उदाहरणला जखनियो चालकसे बड्डी अधिक आवृत्तिके प्रत्यावर्ती प्रवाह (जैसे १ मेगा हर्ट्सके प्रत्यावर्ती प्रवाह) प्रवाहित होवहे त ओकर बाहरी सतक भिरु प्रवाह घनत्व अधिक होवहे एवं जैसे-जैसे सतहसे भीतरे केन्द्र दन्ने जा हथ, प्रवाह घनत्व कम होवैत जा हे । एही कारण अधिक आवृत्तिके प्रवाहला मोटा चालक बनावेके बजाय बड्डिये कम मोटाईके तार बनावल जा हे । एकरासे तारमे नम्यतो (फ्लेक्सिबिलिटी) आवहे ।
ओमके नियम
ओमके नियमके अनुसार एक आदर्श प्रतिरोधकमे प्रवाहित प्रवाह विभवान्तरके समानुपाती होवहे । दोसर शब्दमे
जन्ने
हे ।
परम्परागत प्रवाह

प्रवाहके उदाहरण
प्राकृतिक उदाहरण हे आकाशीय विद्युत या तड़ित (दामिनी) एवं सौर वायु, जे उत्तरीय ध्रुवप्रभा एवं दक्षिणीय ध्रुवप्रभाके स्रोत हे । प्रवाहके मानवनिर्मित रूप हे - धात्वक चालकमे आवेशित इलेक्ट्रोनके प्रवाह, जैसे शिरोपरि विद्युत प्रसारण तार लम्बा दूरी लागि, एवं छोट विद्युत एवं इलेक्ट्रोनिक उपकरणमे विद्युत तार । बैटरीके भीतरहुँ इलेक्ट्रोनके प्रवाह होवहे ।

विद्युच्चुम्बकत्व
विद्युत प्रवाह चुम्बकीय क्षेत्र बनावहे । चुम्बकीय क्षेत्रके चालक तारके घेरैत, घुमावदार क्षेत्रीय रेखा द्वारा आभासित कैल जा सकहे ।
विद्युत प्रवाहके सीधा एमीटरसे नापल जा सकहे । किन्तु ई प्रक्रियामे परिपथके तोड़े पड़हे । प्रवाहके बिन परिपथके तोड़लहुँ ओकर चुम्बकीय क्षेत्रके नापके नापल जा सकहे । ई उपकरण हे, हॉल प्रभाव संवेदक, करण्ट क्लैम्प, रोगोव्स्की कुण्डली ।
विद्युत सुरक्षा
विद्युत सुरक्षा के कुछ सरल उपाय बिजली खम्भा एवं स्टे वायरमे अपन पशु नै बाधी । बिजलीके तार भिरु कपड़ा सुखावेला लेाहाके तार नै बान्धी । कटिया लगाके बिजलीके प्रयोग नै करी । अर्थ तार/अर्थिगसे बिजली नै जलायी । आइएसआइ वायरिङ्ग मैटेरिएल एवं उपकरणके प्रयोग करी । विद्युत वायरिङ्गमे अर्थ लिकेज प्रोटेक्टिव डिवाइस लगावी, पूर्ण सुरक्षा पावी ।
सन्दर्भ
इहो देखी
बाहरी कड़ी
- Which direction does electricity really flow?
- All about circuits - a useful site introducing electricity and electronics
- Electric current and Ohm's law
- Electric current and power