Wp/mag/वाष्प
Appearance
कौनो पदार्थके क्रान्तिक बिन्दुसे कम ताप पर ऊ पदार्थके गैस प्रावस्थाके ऊ पदार्थके वाष्प कहल जाहे । एकर अर्थ हे कि वाष्पके दाब बढ़ाके बिन ताप कम कैले, ओकरा द्रव वा ठोसमे बदलल जा सकहे ।
उदाहरणला, पानीके क्रान्तिक ताप ३७४ °C (६४७ K) हे । एकर मने कि एकरासे अधिक ताप पर कौनो दशामे पानी द्रव अवस्थामे न रह सकहे । अतः वायुमण्डलमे सामान्य ताप पर पानीके वाष्प द्रवमे बदल जैतै यदि एकर आंशिक दाब पर्याप्त बढ़ा देल जाये ।
वाष्प और द्रव (या ठोस) का सह-अस्तित्व सम्भव है।