Wp/mag/वराह
Appearance
| श्रीवराह भगवान् | |
|---|---|
| पृथ्वीके रक्षक | |
भगवान् वराह | |
| सम्बन्ध | स्वयं भगवान् |
| निवासस्थान | सूकरक्षेत्र सोरों |
| मन्त्र | ॐ वराहाय नमः, ॐ धृतसूकररूपकेशवाय नम:। |
| अस्त्र | सुदर्शन चक्र |
| जीवनसङ्गी | वाराही आउ भूदेवी |
| सन्तान | नरकासुर |
| शास्त्र | भागवत पुराण, विष्णु पुराण, वाराह पुराण |

वराहावतार भगवान् विष्णुके अवतार हथिन । जहिया जहिया धरती पापी लोगसे कष्ट पावऽ है तहिया तहिया भगवान् विविध रूप धारण करके एकर दुःख दूर करऽ हथिन । दैत्य हिरण्याक्ष जखनि पृथ्वीके जलमे डुबा देलकै हल तखनि भगवान् विष्णु वराह अवतार लेके पृथ्वीके कल्याण कैलन हल । इनकर शक्ति अथवा पत्नी देवी वाराही हथिन जे भगवती लक्ष्मीके स्वरूप हथिन आउ एकरामे देवी पार्वतीजीके शक्ति हथिन ।
सन्दर्भ
