Wp/mag/भारतीय निर्वाचन आयोग
| भारतीय निर्वाचन आयोग | |
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| संस्था अवलोकन | |
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| स्थापना | २५ जनवरी २९५० (अखनि राष्ट्रिय मतदाता दिवसके रूपमे मनावल जा हे) |
| अधिकार क्षेत्र |
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| मुख्यालय | निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नवदिल्ली[1] |
| संस्था कार्यपालकगण |
राजीव कुमार, आइएएस, भारतके मुख्य निर्वाचन आयुक्त अनूप चन्द्र पाण्डेय, आइएएस, भारतके निर्वाचन आयुक्त भारतीय राजस्व सेवा (आयकर), भारतके निर्वाचन आयुक्त |
| जालस्थल | |
| आधिकारिक जालस्थल | |
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स्थानीय प्रशासन |
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बैश्विक सम्बन्ध आउ अन्य बिषय |
भारतीय निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त आउ अर्धन्यायिक संस्था हे जेकर गठन भारतमे स्वतन्त्र आउ निष्पक्ष रूपसे विभिन्न भारतके प्रातिनिधिक संस्थामे प्रतिनिधि चुनेला कैल गेलै हल । भारतीय चुनाव आयोगके स्थापना २५ जनवरी १९५० के कैल गेलै हल ।
संरचना
आयोगमे वर्तमानमे एक मुख्य चुनाव आयुक्त आउ दु चुनाव आयुक्त होवहथिन । जखनि ई पहिला पहल १९५० मे गठित होलै तखनिसे आउ १५ अक्टूबर १९८९ तक खाली मुख्य निर्वाचन आयुक्त सहित ई एगो एकल-सदस्यीय निकाय हलै । १६ अक्टूबर १९८९ से १ जनवरी १९९० तक ई आर वि एस शास्त्री (मु नि आ) आउ निर्वाचन आयुक्तके रूपमे एस एस धनोवा आउ वि एस सहगल सहित तीन-सदस्यीय निकाय बन गेलै । २ जनवरी १९९० से ३० सितम्बर १९९३ तक ई एक एकल-सदस्यीय निकाय बन गेलै आउ फिर १ अक्टूबर १९९३ से ई तीन-सदस्यीय निकाय बन गेलै ।[2]
भारत निर्वाचन आयोग भिरु विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा आउ राष्ट्रपति आदि चुनावसे सम्बन्धित सत्ता होवहे जखनिकि ग्रामपञ्चायत, नगरपालिका, महानगर परिषद् आउ तहसील एवं जिला परिषदके चुनावके सत्ता सम्बन्धित राज्य निर्वाचन आयोग भिरु होवहे ।
मुख्य चुनाव आयुक्त
चुनाव आयुक्तके नियुक्ति आउ कार्यावधि
मुख्य चुनाव आयुक्त आउ अन्य चुनाव आयुक्तके नियुक्ति भारतके राष्ट्रपति करहथिन । मुख्य चुनाव आयुक्तके कार्यकाल ६ वर्ष या आयु ६५ वर्ष जे पहिले होवे, के होवहे जखनिकि अन्य चुनाव आयुक्तके कार्यकाल ६ वर्ष या आयु ६२ वर्ष जे पहिले होवे, के होवहे । चुनाव आयुक्तके सम्मान आउ वेतन भारतके सर्वोच्च न्यायलयके न्यायधीशके सामान होवहे । मुख्य चुनाव आयुक्तके संसद् द्वारा महाभियोगके जरिये हटावल जा सकहे ।
निर्वाचन आयोगके कार्य आउ कार्यप्रणाली
- निर्वाचन आयोग भिरु ई उत्तरदायित्व हे कि ऊ निर्वाचनके पर्यवेक्षण, निर्देशन आउ आयोजन करवावे । ऊ राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति, संसद्, राज्यविधानसभाके चुनाव करहे ।
- निर्वाचक नामावली तैयार करवावहे ।
- राजनैतिक दलके पञ्जीकरण करहे ।
- राजनैतिक दलके राष्ट्रिय, राज्य स्तरके दलके रूपमे वर्गीकरण, मान्यता देल, दल-निर्दलीयके चुनाव चिन्ह देल ।
- सांसद्/विधायकके अयोग्यता (दल बदलके छोड़कर) पर राष्ट्रपति/राज्यपालके सलाह देल ।
- गलत निर्वाचन उपायके प्रयोग करेवाला व्यक्तिके निर्वाचनला अयोग्य घोषित कैल ।
एकरो देखथिन
सन्दर्भ
- ↑ "Contact Us". भारत निर्वाचन आयोग. मूल से 2016-12-26 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 जनवरी 2018.
- ↑ "अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – निर्वाचन तन्त्र". भारतीय निर्वाचन आयोग. मूल से 2 दिसम्बर 2008 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 फरवरी 2009.
