Wp/mag/बलराम
| बलराम | |
|---|---|
| श्रीकृष्णके बड़ भाई | |
एक मन्दिरमे टङ्गल १७मा शताब्दीके बलरामके भित्ति-चित्र | |
| सम्बन्ध | शेषनागके अवतार |
| अस्त्र | हल, गदा |
| जीवनसङ्गी | रेवती |
| माता-पिता | |
| भाई-बहिन | कृष्ण आउ सुभद्रा |
| सन्तान | निष्स्थ, उल्मुख आउ वत्सला |
महाकाव्य आउ पुराणके अनुसार बलराम एक हिन्दु देवता हथिन आउ कृष्णके बड़े भाई हथिन । ऊ त्रय देवतामे से एकके रूपमे जगन्नाथ परम्परामे विशेष रूपसे महत्वपूर्ण हथिन । उनका हलधर, हलायुध, बलदेव, बलभद्र आउ सङ्कर्षणके नामोसे जानल जा है ।[1]
बलराम या सङ्कर्षणके पूजन बडी पहिलेसे चलल आवित हलै, पर इनकर सर्वप्राचीन मूर्ति मथुरा आउ ग्वालियरके क्षेत्रसे प्राप्त होलै हे । ई शुङ्गकालीन हथिन । कुषाणकालीन बलरामके मूर्तिमे कुछ व्यूह मूर्ति विष्णुके समान चतुर्भुज प्रतिमा है आउ कुछ उनकर शेषसे सम्बन्धित होवेके पृष्ठभूमि पर बनावल गेलू हे । ऐसन मूर्तियनमे ऊ द्विभुज हथिन आउ उनकर मस्तक मङ्गलचिह्नसे शोभित सर्पफणसे अलङ्कृत है । बलरामके दाहिना हाथ अभयमुद्रामे उठल है आउ बामामे मदिराके चषक है । बहुधा मूर्तिके पीछे दने सर्पके आभोग देखावल गेलै है । कुषाण कालके मध्येमे व्यूहमूर्तिके आउ अवतारमूर्तिके भेद समाप्तप्राय हो गेलै हल, परिणामतः बलरामके ऐसन मूर्तियो बने लगलै जेकरामे नागफणा सबके साथहीँ उनका हल-मूसलसे युक्त देखावल जाए लगलै । गुप्तकालमे बलरामके मूर्तिमे विशेष परिवर्तन न होलै । उनकर द्विभुज आउ चतुर्भुज दुनो रूप चलऽ हलै । कहियो-कहियो उनका एके कुण्डल पहनले रहे "बृहत्संहिता" से अनुमोदित हलै । स्वतन्त्र रूपके अतिरिक्त बलराम तीर्थङ्कर नेमिनाथके साथे, देवी एकानंशाके साथे, कहियो दशावतारके पंक्तिमे लोकऽ हथिन ।
कुषाण आउ गुप्तकालके कुछ मूर्तिमे बलरामके सिंहशीर्षसे युक्त हल पकड़ले अथवा सिंहकुण्डल पहिनले देखावल गेलै हे । इनकर सिंहसे सम्बन्ध कदाचित् जैन परम्परा पर आधारित है ।
मध्यकालमे पहुँचते-पहुँचते ब्रज क्षेत्र, जने कुषाणकालीन मदिरा पिए वाला द्विभुज बलराम मूर्तिके परम्पराए चलैत, के अतिरिक्त बलरामके प्रतिमाके स्वरूप बड़ी कुछ स्थिर हो गेलै । हर, मूसल आउ मद्यपात्र धारण करेवाला सर्पफणासे सुशोभित बलदेव बहुधा समपद स्थितिमे अथवा कहियो एक घुटनाके किञ्चित झुकाके खड़ा लोकऽ हथिन । कहियो-कहियो रेवतियो साथेमे रहऽ हथिन ।
जन्म
[edit | edit source]बलराम वसुदेवके पुत्र हथिन । मथुराके अत्याचारी दुष्ट राजा कंस अपन चचेरी बहिन देवकीके लैकनके मारे पर आमादा हलै, काहेकि ओकरा भविष्यवाणी होलै कि ऊ ओकर अठमा सन्तानके हाथे मरतै । हरिवंशमे कहल गेलै हे कि कंस कैदमे बन्द देवकीके पहिलका छौ बचवनके पत्थरके फर्श पर पटकके मार देलकै । जखनि बलरामके गर्भधारण होलै, त विष्णु हस्तक्षेप कैलन, हिन्दु किंवदन्तीके अनुसार; उनकर भ्रूणके देवकीके गर्भसे वसुदेवके पहिला पत्नी रोहिणीके गर्भमे स्थानान्तरित कैल गेलै हल । कुछ ग्रन्थमे ई स्थानान्तरणसे बलरामके सङ्कर्षण (जेकरा घसीटल गेलै हे) के उपाधि मिलऽ है । बलराम अपन छोट भाई कृष्णके साथे अपन पालक-माता-पिताके साथ, नन्द आउ उनकर पत्नी यशोदाके घरमे बड़ होलन । भागवत पुराणके अध्याय १० मे एकर वर्णन ई प्रकार कैल गेलै हे:
भगवान सब कुछके आत्माके रूपमे अपन एकीकृत चेतना (योगमाया) के रचनात्मक शक्तिके बलराम आउ कृष्णके रूपमे अपन जन्मला अपन योजनाके बारेमे बतावऽ हथिन । ऊ बलरामसे शुरू करऽ हथिन । शेषके पूरा भाग जे हमर निवास है, देवकीके गर्भमे एक भ्रूण बन जैतै जेकरा अपने रोहिणीके गर्भमे प्रत्यारोपित करथिन ।
उनकर नाम राम रखल गेलै हल, किन्तु उनकर महान शक्तिके कारण उनका बलराम, बलदेव या बलभद्र कहल जा हलै, जेकर अर्थ है शक्तिशाली राम । उनकर जन्म श्रावण पूर्णिमाके होलै हल, जे रक्षाबन्धनके अवसरके साथे मेल खा है ।
परिचय
[edit | edit source]बलभद्र या बलराम श्री कृष्णके बड़ भाई हलथिन जे रोहिणीके गर्भसे उत्पन्न होइलथिन हव । बलराम, हलधर, हलायुध, संकर्षण आदि इनकर अनेक नाम है । बलभद्रके सगे सात भाई आउ एक बहिन सुभद्रा हलथिन जिनका चित्रो कहल जा है । इनकर बियाह रेवतके कन्या रेवतीसे होलै हलै । कहल जा हे रेवती २१ हाथ लम्बा हलथिन आउ बलभद्रजी अपन हरसे खीँचके इनका छोट कैलथिन हल ।
इनका नागराज अनन्तके अंश कहल जा है आउ इनकर पराक्रमके अनेक कथा पुराणमे वर्णित है । ई गदायुद्धमे विशेष प्रवीण हलथिन । दुर्योधन इनके शिष्य हलथिन । एहीसे ढेर बार ई जरासन्धके पराजित कैलथिन हल । श्रीकृष्णके पुत्र शाम्ब जखनि दुर्योधनके कन्या लक्ष्मणाके हरण करैत समय कौरव सेना द्वारा बन्दी कर लेल गेलन त बलभद्रे उनका छौड़ौलन हल । स्यमन्तक मणि लावहुँके समय ई श्रीकृष्णके साथ गेलन हल । मृत्युके समय इनकर मुँहसे एक बड़ साँप निकललै आउ प्रभासके समुद्रमे प्रवेश कर गेलै हल ।
सन्दर्भ
[edit | edit source]- ↑ "Balarama Facts: किसका अवतार थे कान्हा के दाऊ बलराम, क्यों कहते हैं उनको किसानों का देवता". www.timesnowhindi.com (हिन्दी मे). 2020-08-09. अभिगमन तिथि 2021-07-23.Wp/mag/सीएस१ रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
