Wp/mag/पाइथागोरस प्रमेय
| ज्यामिति |
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ओक्सीरिङ्कस पेपिरस (P.Oxy. I 29) जे यूक्लिडके एलीमेण्ट्सके एक टुकड़ा देखावैत हे |
| ज्यामितिके इतिहास |
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अनुसन्धानके क्षेत्र |
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पाइथागोरस या फीसागूरस प्रमेय युक्लिडीय ज्यामितिमे कौनो समकोण त्रिभुजके तीनो भुजाके बीच एक सम्बन्ध बतावेवाला प्रमेय हे । ई प्रमेयके आमतौर पर एक समीकरणके रूपमे निम्नलिखित विधिसे अभिव्यक्त कैल जाहे -
जन्ने c समकोण त्रिभुजके कर्णके लम्बाई हे एवं a आउ b अन्य दु भुजाके लम्बाई हे । पाइथागोरस यूनानके गणितज्ञ हलन । परम्परानुसार उनके ई प्रमेयके खोजके श्रेय देल जाहे ।[1] हालाँकि ई मानल जाये लगलै हे कि ई प्रमेयके जानकारी उनकासे पूर्व तिथिके हे । भारतके प्राचीन ग्रन्थ बौधायन शुल्बसूत्रमे ई प्रमेय देल हे । बड्डी प्रमाण हे कि बेबीलोनके गणितज्ञो ई सिद्धान्तके जानहलन ।
सूत्रके रूपमे
[edit | edit source]यदि हमनी कर्णके लम्बाईके c आउ अन्य दु भुजाके लम्बाईके a आउ b ले ही, त प्रमेयके निम्नलिखित समीकरणके रूपमे व्यक्त कैल जा सकहे -
या,
यदि c एवं एक भुजाके मान पहिलेसे देल गेलै हे आउ तीसरा भुजाके लम्बाई निकालेला होवे, ते निम्नलिखित समीकरणके प्रयोग कैल जा सकहे -
या
ई समीकरण समकोण त्रिकोणके तीनो भुजाके बीच एक सरल सम्बन्ध प्रदान करहे । ई प्रमेयके सामान्यीकरण 'कोज्या नियम' (Cosine rule) कहला हे जेकर सहायतासे कौनो त्रिकोणके तीसरा भुजाके लम्बाईके गणना कैल जा सकहे यदि शेष दु भुजाके लम्बाई आउ उनखर बीचके कोणके माप देल गेलै होवे ।
इहो देखी
[edit | edit source]टिप्पणी
[edit | edit source]- ↑ Thomas, Heath (1921). A History of Greek Mathematics (Vol. 1) (PDF). London: Oxford University Press. प॰ 144. मूल (PDF) से 25 अक्तूबर 2016 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 14 जून 2020.
सन्दर्भ
[edit | edit source]- बेल, जॉन एल., सुगम की कला: एक प्रारंभिक सर्वेक्षण गणित की संकल्पनात्मक विकास, क्लुव्र, 1999 में.ISBN 0-7923-5972-0.
- यूक्लिड, यह तत्व, एक परिचय और कमेंटरी में अनुवादित साहब थॉमस एल. हीथ के द्वारा, डोवर, (3 ग्रंथ), 2 संस्करण, 1956.
- हार्डी, माइकल, "पायथागॉरस को मुश्किल बनाया गया".{}गणितीय बुद्धिजीवी, 10 (3), p. 31, 1988.
- हीथ, सर थॉमस, ग्रीक गणित का इतिहास (2 ग्रंथ), क्लैरेंडोन प्रेस, ऑक्सफोर्ड (1921), डोवर प्रकाशन, Inc (1981), ISBN 0-486-24073-8.
- लूमिस, एलीशा स्कॉट, पायथागॉरियन प्रस्ताव. 2 संस्करण, वाशिंगटन, D.C: गणित शिक्षक राष्ट्रीय परिषद, 1968.ISBN 978-0-87353-036-1.
- मोर, एली, पायथागॉरियन प्रमेय: एक 4000 साल का इतिहास.प्रिंसटन, न्यू जर्सी: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 2007, ISBN 978-0-691-12526-8.
- स्टिलवेल, जॉन, गणित और उसका इतिहास, स्प्रिंगर-वेर्लग, 1989.ISBN 0-387-96981-0 और ISBN 3-540-96981-0.
- स्वेट्ज़, फ्रैङ्क, काओ, टी आइ,पायथागॉरस चीनी था?: समकोण त्रिकोण सिद्धांत की प्राचीन चीन एक परीक्षा, पेंसिल्वेनिया राज्य विश्वविद्यालय प्रेस.1997.
- वॉन ड़र वार्डेन, बी.एल., प्राचीन सभ्यताओं में ज्यामिति और बीजगणित, स्प्रिंगर, 1983.
बाहरी कड़ी
[edit | edit source]| विकिमीडिया कॉमन्स् पर Pythagorean theorem से सम्बन्धित मीडिया हे । |
- पायथागोरीय प्रमेय (कट-डी-नॉटसे ७० से अधिक प्रमाण)
- इण्टरेक्टिव लिङ्क:
- जावामे पायथागोरीय प्रमेयके इण्टरएक्टिव प्रमाण
- जावामे पायथागोरीय प्रमेयके एक आउ इण्टरएक्टिव प्रमाण
- इंटरैक्टिव एनीमेशन के साथ पायथागोरीय प्रमेय
- एनिमेटेड, अनि-बीजीय और उपयोगकर्ता-गति में पायथागॉरियन प्रमेय
- एरिक डब्ल्यू वेइसटीन, मैथवर्ल्ड पर Pythagorean theorem
- पायथागोरीय प्रमेय आउ समकोण त्रिकोणके सूत्र