Wp/mag/परवलय

गणितमे परवलय (Parabola) एक द्विविमीय समतलीय वक्र हे जे दर्पण-सममित होवहे आउ ई लातिनी अक्षर U के आकारके होवहे । परवलय एक द्विमीय वक्र हे जेकरा ढेर प्रकारसे परिभाषित कैल जा हे । एक परिभाषा परवलयके शाङ्कवके एक विशेष रूपमे परिभाषित करहे । एकरा अनुसार परवलय ऊ शाङ्कव हे जेकर उत्केन्द्रता १ के बराबर होवहे । परवलयके बिन्दुपथके रूपमे परिभाषित कैल जा सकहे । परवलय ऐसन बिन्दुके बिन्दुपथ हे जेकर कौनो निश्चित रेखासे दूरी, कौनो निश्चित बिन्दुसे दूरीके बराबर होवहे । हियाँ ऊ रेखाके नियता (डायरेक्ट्रिक्स) एवं उस बिन्दुके नाभि (फोकस) कहल जा हे ।
उदाहरणला समीकरण x2 = 4ay एक परवलयके निरूपित करहे जेकर नियता y = -a एवं नाभि (0, a) हे ।
नियता पर लम्बरेखा जे नाभिसे गुजरहे (मने रेखा जे परवलयके मध्यसे विभाजित करहे) "सममित अक्ष" या "परवलयके अक्ष" कहला हे । परवलय पर स्थित ऊ बिन्दु जे अक्षके प्रतिच्छेद करहे, अर्थात् परवलय आउ परवलयके अक्षके प्रतिच्छेदन बिन्दुके "परवलयके शीर्ष" कहल जा हे, आउ एही बिन्दु पर परवलय सर्वाधिक घुमावदार होवहे । परवलयके अक्ष पर नाभि एवं शीर्षके बीचके दूरत्व, "नाभीय दूरत्व" कहला हे । "नाभिलम्ब" परवलयके ऊ जीवा हे जे नियताके समान्तर (या अक्ष के लम्बवत) होवहे आउ नाभिसे होके गुजरहे । परवलयके खुलल भाग ऊपरे, नीचे, बामा, दहिना, या कौनो अन्य ऐच्छिक दिशामे हो सकहे । कौनो परवलयके कौनो अन्य परवलय पर ठीकसे प्रविष्ट करेला पुनर्स्थापित आउ पुनः सहेजल जा सकहे, अर्थात् सब परवलय ज्यामितीय रूपसे समान होवहे ।
बिन्दुपथके रूपमे परवलयके परिभाषा
ज्यामितिमे परवलय, युक्लिड तल पर बिन्दुके एक बिन्दुपथके रूपमे परिभाषित कैल जा सकहे ।

एक परवलय बिन्दुके एक बिन्दुपथ हे, मने कौनो बिन्दु से एक निश्चित बिन्दु (नाभि) से दूरत्व , ओकरासे नियता तकके दूरत्व के बराबर होवहे । आमतौर पर निम्न प्रकार दर्शावल जा हे -

नाभि से नियता पर डालल लम्बके मध्यबिन्दु के परवलयके शीर्ष कहल जा हे एवं रेखा परवलयके अक्ष हे ।
परवलयके प्रकार
निर्देशाङ्क ज्यामितिमे चार मूल परवलय होवहे -

दहिना दन्ने खुलल परवलय
एकर शीर्ष मूलबिन्दु नाभि आउ नियता हे ।
बामा दन्ने खुलल परवलय
एकर शीर्ष मूलबिन्दु नाभि आउ नियता हे ।
ऊपरे दन्ने खुलल परवलय
एकर शीर्ष मूलबिन्दु नाभि आउ नियता हे ।
नीचे दन्ने खुलल परवलय
एकर शीर्ष मूलबिन्दु नाभि आउ नियता हे ।
वास्तविक दुनियामे परवलय
