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नन्द साम्राज्य

ल. ३४५/३४४ – ल. ३२३/३२२ ईपू
नन्द साम्राज्य अपन शिखर विस्तार पर, ल. ३२५ ईपू
नन्द साम्राज्य अपन शिखर विस्तार पर, ल. ३२५ ईपू
राजधानीपाटलिपुत्र
प्रचलितभाषासंस्कृत (मुख्य)
मागधी
प्राकृत
धर्म
हिन्दुधर्म (राजधर्म)
जैनधर्म, बौद्धधर्म (राजाश्रय)
सरकारराजतन्त्र
सम्राट 
 ल ३४५ ईपू से (प्रथम)
महापद्मनन्द
 ल ३२२ ईपू तक (अन्तिम)
धनानन्द
ऐतिहासिक युगलौहयुग
मुद्रापण
पूर्ववर्ती
परवर्ती
शिशुनाग वंश
महाजनपद
मौर्य वंश
अखनि जे देशके भाग हेभारत

नन्द वंश वा नन्द साम्राज्य प्राचीन भारतके एगो राजवंश हल । ई वंश मगध पर शासन करेवाला पचमा राजवंश हल । नन्द राजवंशके शासनकालेमे मगध पहिला बेर एगो साम्राज्य बन सकलै । नन्द राजवंशमे कुल दस राजा द्वारा लगभग ३४५/३४४ से ३२३/३२२ ईपू मे २३ बरिस तक शासन करलन हल । नन्द राजवंशके स्थापना ३४५ ईपू मे महापद्मनन्द द्वारा शिशुनाग वंशके अन्तिम शासक महाराजा महानन्दिके हत्या करेके बाद करल गेल हल । ई राजवंशके अन्तिम शासक धनानन्द हलन । सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य धनानन्दके पराजित करके मौर्य साम्राज्यके नीँव रखलन ।[1] पुराणमे नन्द राजवंशके प्रथम शासकके 'महापद्मनन्द' कहल गेल हे आउ सर्वक्षत्रान्तक आदि उपाधिसे विभूषित करल गेल हे । ऊ पचमा-चौथा शताब्दी ईपू उत्तरी भारतके विशाल भाग पर शासन करलन । भारतीय इतिहासमे पहिला बेर एगो ऐसन साम्राज्यके स्थापना भेल जे कुलीन नै हल आउ जेकर सीमा गङ्गाके मैदानके लाङ्घ गेल । ई साम्राज्य एक-रात के छत्रछायामे एगो अखण्ड राजतन्त्र हल जेकरा पास अपार सैन्यबल, धनबल आउ जनबल हल । महापद्मनन्द निकटवर्ती सभ राजवंशके जीतके एगो विशाल साम्राज्यके स्थापना करलन आउ केन्द्रीय शासनके व्यवस्था लागू करलन । एहीसे सम्राट महापदम नन्दके "केन्द्रीय शासन पद्धतिके जनक" कहल जा हे ।

स्मितके शब्दमे कहल जाये त "ऊ ६६ परस्पर विरोधी राज्यके ई बातला विवश करलन कि ऊ आपसी उखाड़-पछाड़ न करे आउ स्वयंके कौनो उच्चतर नियामक सत्ताके हाथ सौँप दे ।"[2]

महापद्मनन्दके नव नन्द प्रमुख राज्य उत्तराधिकारी भेलन हे - उग्रसेन, पण्डूक, पाण्डुगति, भूतपाल, राष्ट्रपाल, योविषाणक, दशसिद्धक, कैवर्त आउ धनानन्द । धनानन्दके शासनकालमे भारत पर आक्रमण सिकन्दर द्वारा करल गेल हल । धनानन्दके शासनमे मगध साम्राज्यमे शान्ति आउ व्यवस्था फैलल रहल । एकर बाद मौर्यवंशी चन्द्रगुप्त मौर्य धनानन्दके साम्राज्य पर आक्रमण कर देलन आउ नन्द साम्राज्यके अन्त हो गेल । शुदवंशीय नन्द राजवंशके बाद मगध पर चन्द्रगुप्त मौर्य मौर्य साम्राज्यके स्थापना करलन आउ पूरा भारतके एकसूत्रमे करके एकक्षत्र शासन करलन ।

शासकके सूची

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नन्द राजवंशके शासकके सूची
क्रम-सङ्ख्या शासक शासन अवधि (ईपू) टिप्पणी
१. सम्राट महापद्मनन्द ल. ३४५/३४४ ईपू से शासन कलरन ३४५ ईपू मे राजवंशके स्थापना करलन ।
२. पण्डुकनन्द एक वर्ष शासन करलन महापद्मनन्दके पुत्र
३. पण्डुगतिनन्द एक वर्ष शासन करलन महापद्मनन्दके पुत्र
४. भूतपालनन्द एक वर्ष शासन करलन महापद्मनन्दके पुत्र
५. राष्ट्रपालनन्द एक वर्ष शासन करलन महापद्मनन्दके पुत्र
६. गोविषाणकनन्द एक वर्ष शासन करलन महापद्मनन्दके पुत्र
७. दशसिद्धकनन्द एक वर्ष शासन करलन महापद्मनन्दके पुत्र
८. कैवर्तनन्द एक वर्ष शासन करलन महापद्मनन्दके पुत्र
९. सम्राट धनानन्द लगभग ३२२ ईपू तक शासन करलन महापद्मनन्दके पुत्र आउ नन्द वंशके अन्तिम शासक, चन्द्रगुप्त मौर्य द्वारा ३२२ ईपू मगधके गद्दीसे हटा देल गेलन ।

इहो देखथिन

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सन्दर्भ

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  1. शास्त्री, के ए नीलकण्ठ. नंद मौर्य युगीन भारत. मूलसे 2 दिसम्बर 2012 के पुरालेखित.
  2. स्मिथ, विए. द अर्ली हिस्ट्री ऑफ इंडिया.

सन्दर्भ ग्रन्थ

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  • नीलकण्ठ शास्त्री (सम्पादित) : एज आव द नन्दज ऐण्ड मौर्यज;
  • एज आव इम्पीरियल यूनिटी (भारतीय विद्याभवन, बम्बई); केब्रिज हिस्ट्री आव इण्डिया

बाहरी कड़ी

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