Wp/mag/दिक्

दिक् (Space, स्पेस) जगहके ऊ विस्तार या फैलावके कहल जा हे जेकरामे वस्तुके अस्तित्व होवहे आउ घटना घटहे ।[1] मनुष्यके दृष्टिसे दिक् के तीन पहलू होवहे, जेकरा आयाम कहल जा हे - ऊपरे-नीचे, आगे-पीछे आउ दहिना-बामा ।
दिक् आउ आयाम (पहलू)
ऐसन तीन पहलू वाला (या "त्रिआयामी") दिक् मे विद्यमान केहु दु वस्तुके एक-दोसरासे आपेक्षिक स्थिति (या रॅलेटिव स्थिति) ई तीन पहलू पर बतावल जा सकहे । हमनी कह सकही कि पहिला वस्तु दोसर वस्तुसे १० मीटर ऊपरे, ४ मीटर आगे आउ ६ मीटर दहिना दन्ने स्थित हे । एही प्रकारसे द्विआयामी (दु पहलू वाला) दिक् मे खाली दु आयामसे दु वस्तुके एक-दोसरासे आपेक्षिक स्थितिके पता लगवहे । भौगोलिक मानचित्रमे ई सब आयाम (पहलू) के उत्तर-दक्षिण आउ पूर्व-पश्चिमके नाम देल जा हे । कौनो मानचित्रमे दु वस्तु (या जगह) के देखके कहल जा सकहे कि मानचित्रके द्विआयामी दिक् मे पहिला नगर दोसर नगरसे १०० किमी उत्तर आउ २०० किमी पूर्वमे स्थित हे । एकदम एही प्रकार एकायामी दिको एक रेखाके सूरतमे देखल जा सकहे । कौनो रेखा पर स्थित दु बिन्दुके आपेक्षिक स्थिति बतावेला खाली एके पहलू बतावल पर्याप्त हे । उदाहरणसे हमनी कह सकही कि कौनो रेखा पर स्थित एक लाल बिन्दु कौनो दोसर नील बिन्दुसे १० सेण्टीमीटर बामा पर विद्यमान हे ।
इहो देखी
सन्दर्भ
- ↑ "ब्रिटैनिका ऑनलाइन ज्ञानकोश: स्पेस (अङ्ग्रेजीमे)". मूलसे 27 जुलाई 2008 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 मई 2011.