Wp/mag/तवाङ्ग
| तवाङ्ग | |
|---|---|
| नगर | |
| निर्देशाङ्क: 27°35′18″N 91°51′55″E / 27.588333°N 91.865278°Eनिर्देशाङ्क: 27°35′18″N 91°51′55″E / 27.588333°N 91.865278°E | |
| देश | |
| राज्य | अरुणाचलप्रदेश |
| मण्डल | तवाङ्ग मण्डल |
| उन्नतांश | 3,048 मी (10,000 फीट) |
| जनसङ्ख्या (2011) | |
| • कुल | ११,२०२ |
| भाषा | |
| • प्रचलित | हिन्दी, पूर्वी भोटी भाषा, तिब्बती |
| समयमण्डल | युटिसि+5:30 (भामस) |
| जालस्थल | tawang |
तवाङ्ग भारतके अरुणाचलप्रदेश राज्यके तवाङ्ग मण्डलमे स्थित एगो नगर हे जे मण्डलके मुख्यालयो हे । तवाङ्ग अरुणाचलप्रदेशके पश्चिमोत्तर भागमे स्थित हे । तवाङ्गके उत्तरपूर्व दिशामे तिब्बत, दक्षिणपश्चिममे भूटान आउ दक्षिणपूर्वमे पश्चिम कामेङ्ग मण्डल स्थित हे ।[1][2][3]
भूगोल
[edit | edit source]तवाङ्ग तवाङ्ग चू घाटीमे स्थित हे आउ हिमालयमे 3,048 मीटर (10,000 फीट) के ऊँचाई पर बसल हे ।
विवरण
[edit | edit source]तवाङ्गके मुख्य काम-धन्धा कृषि आउ पशु-पालन हे । ई प्राकृतिक रूपसे बड़ी सुन्दर हे । लुकाएल स्वर्गके नामसे ई पर्यटकमे बड़ी लोकप्रिय हे । तवाङ्ग बड़ी सुन्दर हे । पर्यटक एहाँ पर सुन्दर चोटी, छोट-छोट गाँव, शानदार गोनपा, शान्त झील आउ एकर इलावा बड़ी कुछ देख सकहथिन । ई सबके इलावा एहाँ पर इतिहास, धर्म आउ पौराणिक कथाके सम्मिश्रणो देखल जा सकहे । तवाङ्गके नामकरण १७मा शताब्दीमे मिराक लामा कैलन हल । एहाँ पर मोनपा जातिके आदिवासी रहहथिन । ई जाति मङ्गोलसे सम्बन्धित हे । ई पत्थर आउ बाँसके बनल घरमे रहहथिन । प्राकृतिक सुन्दरताके इलावा पर्यटक एहाँ पर अनेक बौद्ध मठो देख सकहथिन । ई मठ बड़ी प्रसिद्ध हे । एहाँ पर एशियाके सबसे बड़ मठ तवाङ्ग मठो हे । अपन बौद्ध मठला ई पूरा विश्वमे पहचानल जा हे । सदाबहार वनके हरियालीमे झकाएल अरुणाचलप्रदेशके सबसे सुन्दर तवाङ्ग मण्डलमे अपने एक अलग संस्कृति देख सकहथिन ।[4]
तवाङ्ग मठ
[edit | edit source]तवाङ्ग मठ अरुणाचलप्रदेशके तवाङ्ग नगरमे स्थित एक बौद्ध मठ हे । तवाङ्ग मठके निर्माण मेराक लामा लोड्रे ग्यात्सो १६८०-८1 ई मे करैलन हल । तवाङ्ग मठ एक पहाड़ी पर बनल हे । समुद्रतलसे एकर ऊँचाई १०,००० फीट हे । एहाँ पर ढेर छोट नदियो बहहे । एहाँसे पूरा तवाङ्ग-चू घाटीके सुन्दर दृश्य देखल जा सकहे । तवाङ्ग मठ दूरसे किला नियन लौकहे । पूरा देशमे ई अपन प्रकारके अकेला बौद्ध मठ हे । तवाङ्ग मठ एशियाके सबसे बड़ बौद्ध मठ हे । तवाङ्ग मठमे ७०० बौद्ध साधु ठहर सकहथिन । तवाङ्ग मठके पास एक जलधारो बहहे । ई जलधारा बड़ी सुन्दर हे आउ ई मठला जलके आपूर्तियो करहे । तवाङ्ग मठके प्रवेश द्वार दक्षिणमे हे । प्रवेश द्वारके नाम काकालिङ्ग हे । काकालिङ्ग देखेमे झोपड़ी नियन लगहे आउ एकर दु भीत्तीके निर्माणमे पत्थरके प्रयोग कैल गेलै हे । ई भीत्ती पर सुन्दर चित्रकारी कैल गेलै हे, जे पर्यटकके बड़ी पसन्द आवहे ।
एकरो देखी
[edit | edit source]सन्दर्भ
[edit | edit source]- ↑ "Arunachal Pradesh: Past and Present," H. G. Joshi, Mittal Publications, 2005, ISBN 9788183240000
- ↑ "Paths of Development in Arunachal Pradesh," Ravi S. Singh, Northern Book Centre, 2005, ISBN 9788172111830
- ↑ "Documents on North-East India: Arunachal Pradesh, Volume 2 of Documents on North-East India: An Exhaustive Survey, Suresh K. Sharma (editor), Mittal Publications, 2006, ISBN 9788183240888
- ↑ Munda, Karamchand (2023-10-04). "Tawang In Hindi: "तवांग" उगते सूरज की धरती अरुणाचल प्रदेश में स्तिथ जहाँ स्वर्ग और पृथ्वी मिलते हैं । - Traveljat.in". Traveljat.in. मूल से 1 नवम्बर 2023 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2023-10-04.