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Wp/mag/तरल गतिविज्ञान

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तरल गतिविज्ञान तरल बलविज्ञानके एक शाखा हे । एकर प्रयोग गतिशील तरल (द्रव आउ गैस) के प्रकृति आउ ओकरा पर लगेवाला बलके आकलनला कैल जा हे । जटिल तरल गतिविज्ञानके प्रश्नके हल लागि गणकीय तरल गतिविज्ञानके प्रयोग होवहे जेकरामे सङ्गणकके सहारे तरल समीकरणके सङ्ख्यात्मक हल कैल जा हे ।

तरलगतिविज्ञानके मूल समीकरण सातत्य समीकरण (equation of continuity) कहला हे जे निम्न प्रकारसे लिखल जा हे -

∂ρ∂t+div⁡(ρv→)=0

तरल गतिविज्ञानमे प्रयुक्त गणितीय समीकरणमे नेवियर स्टोक्स समीकरण सबसे सामान्य (generalised) रूप हे । एकर सरलीकृत रूपके ढेर नामसे जानल जा हे । तरलके बलके प्रति आचरण उनकर घनत्व, श्यानता आउ अन्य गुण पर निर्भर करहे । यदि द्रवके श्यानता बड्डी कम होवे त घर्षण बलके नगण्य मानैत छोड़ल जा सकहे । ई प्रकार प्राप्त समीकरण युलरके समीकरण कहला हे जे ई प्रकार हे -

∂v→∂t+(v→⋅∇)v→=−∇pρ ।

बर्नूलीके प्रमेय

P1+ρgh1+12ρv12=P2+ρgh2+12ρv22,

जन्ने P द्रवके स्थैतिक दाब, ρ द्रवके घनत्व, g गुरुत्वजनित त्वरण, h ऊँचाई v द्रवके वेग हे ।

यदि द्रव असम्पीदनीय (uncompressible) होवे त ई समीकरणके साथे निम्नलिखितो समीकरण लागू होवहे । एकरा सातत्य समीकरण (equation of continuity) कहल जा हे ।

G=A1v1=A2v2

जन्ने A द्रव प्रवाहके क्षेत्रफल v द्रवके वेग हे ।

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