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Wp/mag/गुणनखण्ड

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Wp > mag > गुणनखण्ड

कौनो वस्तु (जैसे - सङ्ख्या, बहुपद या मेट्रिक्स) के अन्य वस्तुके गुणनफल (product) के रूपमे तोड़ेके क्रियाके गणितमे गुणनखण्ड कहल जाहे । कौनो वस्तुके गुणनखण्डके परस्पर गुणा करेपर ऊ मूल वस्तु पुनः प्राप्त हो जाहे ।

उदाहरण लागि -

१५ = ३ x ५ एवं,
x2 4 = (x 2) (x + 2) ।
P(x)=x5x3+69x220x+16= (x3+4x2x+1)(x24x+16)

गुणनखण्डके विपरीत क्रियाके विस्तार (expansion) कहल जाहे जेकरामें गुणखण्डका आपसमे गुणा करके मूल सङ्ख्या या मूल बहुपद प्राप्त कैल जाहे ।

गुणखण्डनके उद्देश्य एवं प्रयोग

कौनो बड़ या जटिल वस्तुके सरल अवयवमे तोड़ल गुणनखण्ड करेके मुख्य उद्देश्य हे। जैसेकि सङ्ख्याके गुणनखण्डन करेसे अविभाज्य सङ्ख्या प्राप्त होवहे; बहुपदके गुणनखण्ड करेसे ऐसन पद प्राप्त होवहे जिनखर पुनः गुणनखण्ड नै कैल जा सके ।

गुणनखण्डके प्रयोग सङ्ख्या या व्यञ्जक (expressions) के वर्गमूल, घनमूल आदि निकाले, उनखर लघुत्तम समापवर्त्य आउ महत्तम समापवर्तक निकाले आदिमे होवहे ।

उभयनिष्ट गुणकके पहचान

जखनि कौनो सङ्ख्या या बीजीय वर्ण कौनो योगके कमसे कम दु पदमे विद्यमान होवे त ईसभ पदके निम्नलिखित प्रकारसे एक गुणनफलके रूपमे व्यक्त कैल जा सकहे जे गुणनके योगके उपर वितरण (distributivity of multiplication over the addition) पर निर्भर करहे -

ab+ac=a(b+c)

गुणखण्डके मुख्य प्रकार

  • स्पष्ट गुणखण्ड
ax+bx+cx=x.(a+b+c)
  • समूह बनाकर गुणनखण्ड
ax+ay+bx+by=(ax+ay)+(bx+by)=a.(x+y)+b.(x+y)=(a+b).(x+y)
  • पूर्ण वर्ग त्रिपद
a2+2ab+b2=(a+b)2
  • वर्गान्तर
a2b2=(a+b)(ab)
  • द्विघत त्रिपदी व्यञ्जक
x2+(a+b).x+(a.b)=(x+a).(x+b)
  • दु वर्गके योग (ई वास्तविक सङ्ख्या वाला गुणनखण्डमे नै तोड़ल जा सकत किन्तु समिश्र सङ्ख्या वाला गुणनखण्डमे तोड़ल जा सकहे
a2+b2=(a+i.b)(ai.b)
  • सोफी-जर्मेन सर्वसमिक (Sophie-Germain Identity)
a4+4b4=a4+4a2b2+4b4(2ab)2=(a2+2b2)2(2ab)2=(a2+2b2+2ab)(a2+2b22ab)
  • दु घनके योग
a3+b3=(a+b)(a2ab+b2)
  • दु घनके अन्तर
a3b3=(ab)(a2+ab+b2)
  • समान घातके अन्तर
anbn=(ab)(an1+an2b+an3b2++abn2+bn1)
anbn=(ab)k=0n1akb(n1)k
  • समान घातके योग (n विषम सङ्ख्या)
an+bn=(a+b)(an1an2b+an3b2abn2+bn1)
उपर्युक्त सूत्रके कुछ विशिष्ट अवस्था
a5+b5=(a+b)(a4a3b+a2b2ab3+b4),
a5b5=(ab)(a4+a3b+a2b2+ab3+b4).
a6+b6=(a2+b2)(a4a2b2+b4),
a6b6=(a3+b3)(a3b3)=(a+b)(ab)(a2ab+b2)(a2+ab+b2).
a7+b7=(a+b)(a6a5b+a4b2a3b3+a2b4ab5+b6),
a7b7=(ab)(a6+a5b+a4b2+a3b3+a2b4+ab5+b6).
2n1=2n1n=(21)×(k=0n12k×1(n1)k)=k=0n12k
an1=an1n=(a1)k=0n1ak×1(n1)k=(a1)k=0n1ak

गुणनखण्डके अन्य सूत्र

x2+y2+z2+2(xy+yz+xz)=(x+y+z)2x3+y3+z33xyz=(x+y+z)(x2+y2+z2xyxzyz)x3+y3+z3+3x2(y+z)+3y2(x+z)+3z2(x+y)+6xyz=(x+y+z)3x4+x2y2+y4=(x2+xy+y2)(x2xy+y2).

उल्लेखनीय सर्वसमिका

इहो देखी

बाहरी कड़ी