Wp/mag/गतिविज्ञान
| मुख्य शृङ्खला |
| चिरसम्मत बलविज्ञान |
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गतिविज्ञान (Dynamics) अनुप्रयुक्त गणितके ई शाखा पिण्डके गतिसे आउ ईसब गतिके नियमित करेवाला बलसे सम्बद्ध हे । गतिविज्ञानके दु भागमे अन्तिर्विभक्त कैल जा सकहे । पहिला शुद्धगतिविज्ञान (Kinematics), जेकरामे माप आउ यथातथ्य चित्रणके दृष्टिसे गतिके अध्ययन कैल जा हे, आउ दोसर बलगतिविज्ञान (Kinetics) अथवा वास्तविक गतिविज्ञान, जे कारण अथवा गतिनियमसे सम्बद्ध हे ।
व्यापकदृष्टिसे दुनो दृष्टिकोण सम्भव हे । पहिला गतिविज्ञानके ऐसन विज्ञानके रूपमे प्रस्तुत करहे जेकर निर्माण परीक्षणके प्रक्रिया (प्रयोग) के आधार पर तथ्योपस्थापन (आगम, अनुमान) द्वारा भेल हे । तदनुसार गतिविज्ञानमे गतिनियम युक्लिडके स्वयंसिद्धके स्थान ग्रहण करहे । दावा ई हे कि प्रयोग द्वारा ईसब नियमके परीक्षा कैल जा सकहे, किन्तु एहु निश्चित हे कि व्यावहारिक कठिनाईके कारण कौनो सैद्धान्तिक नियम यथातथ्य रूपमे प्रकाशित नै हो पावहे । ईसब नियमके प्रमाणित कर सकेमे व्यावहारिक कठिनाईके अतिरिक्त कुछ तर्कविषयको बाधा हे, जे ई स्थितिके दूषित अथवा त्रुटिपूर्ण बना दे हे । ईसब कठिनाईके परिहार कैल जा सकहे, यदि हमनी दोसर दृष्टिकोण अपनावी । उक्त दृष्टिकोणके अनुसार गतिविज्ञान शुद्ध अमूर्त विज्ञान (abstract science) हे, जेकर समस्त नियम कुछ आधारभूत कल्पनासे निकालल जा सकहे ।
बल
[edit | edit source]बल ऊ प्रभाव हे जे कौनो पिण्डमे त्वरण उत्पन्न करहे । बल लगेके कारण वस्तुके गतिके दशामे परिवर्तन हो जा हे ।[1]
गतिके नियम
[edit | edit source]गतिविज्ञानके ध्येय
[edit | edit source]- गतिविज्ञानके सीधा समस्या : कौनो पिण्ड पर लगेवाला बल ज्ञात हे ; ऊ पिण्डके गतिके प्रकृति (कौन समय पर पिण्डके स्थिति का होत) ज्ञात कैल ।
- गतिविज्ञानके व्युत्क्रम समस्या (inverse problem) : विभिन्न समय पर वस्तुके वाञ्छित स्थिति देल हे ; ओकरा पर लगावल जायेवाला बलके गणना कैल ।
पिण्ड पर लगेवाला प्रमुख बलके सूत्र
[edit | edit source]- गुरुत्व बल
सदिश रूपमे:
पृथिवीके सतह भिरु:
इहो देखी
[edit | edit source]सन्दर्भ
[edit | edit source]- ↑ Goc, Roman (2005) [2004 copyright date]. "Force in Physics" (Physics tutorial). Retrieved 2010-02-18.