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Wp/mag/कार्तीय निर्देशाङ्क पद्धति

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Fig. 1 - कार्तीय निर्देशाङ्क पद्धति । चार बिन्दु प्रकट हे: (2,3) हरियरमे, (-3,1) लालमे, (-1.5,-2.5) नीलमे आउ (0,0), मूलबिन्दु, पीयरमे ।

गणितमे कार्तीय निर्देशाङ्क पद्धति (Cartesian Coordinate System, कार्टेशियन कॉर्डिनेट सिस्टम) समतलमे केहु बिन्दुके स्थितिके दु अङ्कके द्वारा अद्वितीय रूपसे दर्शावेला प्रयुक्त होवहे । ई दु अङ्कोके ऊ बिन्दुके क्रमशः X-निर्देशाङ्क आउ Y-निर्देशाङ्क कहल जा हे । एकराला दु लम्बवत रेखा निर्धारित कैल जा हे जेकरा X-अक्ष आउ Y-अक्ष कहल जा हे । इनकर कटान बिन्दुके मूल बिन्दु (origin) कहल जा हे । जे बिन्दुके स्थिति दर्शावेला होवहे, ऊ बिन्दुके ई दुनो अक्ष पर लम्ब डालल जा हे । ई बिन्दुसे Y-अक्षके दूरीके ऊ बिन्दुके X-निर्देशाङ्क या भुज कहल जा हे । एही प्रकार ई बिन्दुके X-अक्षसे दूरीके ऊ बिन्दुके Y-निर्देशाङ्क या कोटि कहल जा हे ।

उदाहरणला यदि केहु बिन्दुके Y-अक्ष से (लम्बवत) दूरी a एवं X-अक्षसे दूरी b होवे त क्रमित-युग्म (a,b) के ऊ बिन्दुके कार्तीय निर्देशाङ्क कहल जा हे ।

इहो देखी

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सन्दर्भ

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