Wp/mag/अर्धचालक युक्ति
Appearance
| अर्धचालक युक्तिके निर्माणके सामान्य प्रक्रिया | |
| अर्धचालक युक्ति बड्डी स्वच्छ वातावरणमे निर्मित कैल जा हैे काहेकि धूरी आउ अन्य अशुद्धिके उपस्थितिमे एकर गुणवत्ता बेस नै होवै]] | |
| सिलिकनके बेलनाकार दण्डसे काटके सिलिकन वेफर बनावल जा हे । |
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| एके वेफर पर बड्डीमनी परिपथ बना लेल जा हे । एकरा हीरा कर्तकसे काटके अलगे-अलगे कर लेल जा हे । | |
| वेफरके काटेके बाद प्राप्त परिपथ (डाइके ऊपरे परिपथ लौकैत हे ।) | |
| अन्तिम कार्य । ई एक 'चिप' हे जेकरा पर बनल सर्किट लौकैत हे । | |
| अन्ततः ई युक्ति (जैसे आइसि आदि) विभिन्न काममे लेल जा हे । (जैसे पिसि या टिविके निर्माणमे) | |
अर्धचालक युक्ति (Semiconductor devices) ऊसब इलेक्ट्रोनिक अवयवके कहल जा हे जे अर्धचालक पदार्थके गुणधर्मोके प्रयोग करके बनावल जा हे । सिलिकन, जर्मेनियम आउ गैलियम आर्सेनाइड मुख्य अर्धचालक पदार्थ हे । अधिकांश अनुप्रयोगमे अखनि ऊसब स्थान पर अर्धचालक युक्ति प्रयोगके जाये लगल हे जन्ने पहिले उष्मायनिक युक्ति (निर्वात ट्यूब) प्रयोग कैल जा हल । अर्धचालक युक्ति ठोस अवस्थामे इलेक्ट्रोनिक सञ्चलन पर आधारित हे जखनिकि ट्यूब युक्ति उच्चा निर्वात या गैसीय अवस्थामे उष्मायनके चालन पर आधारित हल ।
निर्माणके आधार पर अर्धचालक युक्ति मुख्यतः दु प्रकारके होवहे - अकेले युक्ति आउ एकीकृत परिपथ (आइसि) ।
इहो देखी
सन्दर्भ
- Muller, Richard S., and Theodore I. Kamins (1986). Device Electronics for Integrated Circuits. John Wiley and Sons. ISBN 0-471-88758-7.Wp/mag/सीएस१ रखरखाव: एकसे अधिक नाम: authors list (link)
बाहरी कड़ी
