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Wn/hi/होर्मुज विवाद: घबराहट में एलपीजी न खरीदें, सरकार की अपील

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होर्मुज जलडमरूमध्य

नई दिल्ली: 14 मार्च 2026 – पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक संकट और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के बंद होने से उत्पन्न स्थिति पर भारत सरकार ने 13 मार्च 2026 को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में लगातार तीसरे दिन एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता में पेट्रोलियम, विदेश, पोत परिवहन और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों के अधिकारियों ने ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री परिचालन और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी दी।[1]

ईंधन आपूर्ति और एलपीजी की स्थिति

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पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि चूंकि भारत का अधिकांश आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होता है, इसलिए इसका बंद होना चिंता का विषय है।[2] हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की वर्तमान तेल शोधन क्षमता 258 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है और भारत पेट्रोल व डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है। सभी रिफाइनरियां वर्तमान में अपनी 100% क्षमता या उससे अधिक पर काम कर रही हैं।[1]

देश भर में घबराहट (panic) के कारण एलपीजी बुकिंग में भारी वृद्धि देखी गई है, जो 55.7 लाख से बढ़कर 76 लाख प्रतिदिन हो गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस घबराहट के बीच लोगों ने ऑनलाइन बुकिंग का सहारा लिया है; फरवरी में ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा 71 प्रतिशत था, जो मार्च में बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया है।[2] इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।[1]

सुजाता शर्मा ने आश्वस्त किया कि देश के 25,000 वितरकों में से कहीं से भी गैस की अनुपलब्धता (dry out) की सूचना नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी बिना किसी बाधा के एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है।[2]

प्राकृतिक गैस (PNG/CNG) और व्यावसायिक उपभोक्ता

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आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 9 मार्च 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 'प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश' जारी किया था। इसके तहत घरेलू पीएनजी (PNG) और सीएनजी (CNG) की आपूर्ति में कोई कटौती नहीं की गई है।[1]

बड़े शहरी केंद्रों में जो व्यावसायिक उपभोक्ता वर्तमान में एलपीजी की कमी का सामना कर रहे हैं (विशेषकर खाद्य व्यवसाय), सरकार ने उनसे अपील की है कि वे पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिए तुरंत अपने स्थानीय 'सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन' (CGD) नेटवर्क प्रदाता से संपर्क करें।[2] इसके अतिरिक्त, उन 60 लाख घरेलू परिवारों से भी एलपीजी के बजाय पीएनजी का उपयोग करने का आग्रह किया गया है, जिनके पास पहले से पीएनजी कनेक्शन मौजूद हैं। व्यावसायिक सिलेंडरों के वितरण की प्राथमिकता तय करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सौंप दी गई है।[1]

कालाबाजारी पर रोक और समुद्री परिचालन

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देश के 1 लाख से अधिक खुदरा पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी नहीं है। सुरक्षा कारणों से खुले कंटेनरों में पेट्रोल/डीजल की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। जमाखोरी रोकने के लिए राज्य सरकारों ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत झांसी, हापुड़, कर्नाटक और छतरपुर में बड़ी संख्या में अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।[1]

फारस की खाड़ी में वर्तमान में भारतीय ध्वज वाले 24 जहाजों पर 668 भारतीय नाविक कार्यरत हैं, जबकि इस पूरे क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक मौजूद हैं। शिपिंग महानिदेशालय ने एक 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जिसने 223 फंसे हुए भारतीय नाविकों की स्वदेश वापसी में मदद की है। भारतीय बंदरगाहों पर एलपीजी जहाजों को बर्थिंग (रुकने) में प्राथमिकता दी जा रही है।[1]

कूटनीतिक प्रयास और भारतीयों की स्थिति

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भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 12 मार्च को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से फोन पर बातचीत की, जिसमें क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा पारगमन पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान के सोहार में हुए एक हालिया ड्रोन हमले में दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई और 10 घायल हुए हैं। कुल मिलाकर, इस संघर्ष में अब तक 5 भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई है और एक लापता है।[1]

सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइटों या अधिकृत ऐप का ही उपयोग करें ताकि वे डिजिटल धोखाधड़ी से बच सकें।[1]

स्रोत

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  1. 1 2 3 4 5 6 7 8 9 पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता, पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार, 13 मार्च 2026.
  2. 1 2 3 4 'No need to queue outside LPG distributors': Govt says avoid panic buying, The Times of India, 13 मार्च 2026.