Wn/hi/भारत की 2027 जनगणना में ट्रांसजेंडर-मुखिया वाले परिवारों को भी गिना जाएगा

नई दिल्ली, 11 मार्च 2026 — भारत सरकार ने घोषणा की है कि आगामी 2027 की जनगणना में उन परिवारों को अलग से गिना और वर्गीकृत किया जाएगा, जिनके मुखिया 'ट्रांसजेंडर' (पारलैंगिक) समुदाय से हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह आधिकारिक जानकारी साझा की।
पत्र सूचना कार्यालय (PIB) और 'द इकोनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 2027 की जनगणना के 'मकान सूचीकरण और आवास गणना' (House-listing and Housing Census) चरण के दौरान डेटा संग्रह प्रणाली में एक नया प्रावधान किया जा रहा है। अब तक, परिवारों के मुखिया को मुख्य रूप से केवल 'पुरुष' या 'महिला' के रूप में ही वर्गीकृत किया जाता था, लेकिन आगामी जनगणना में 'ट्रांसजेंडर-मुखिया वाले परिवार' (Transgender-headed households) का एक विशिष्ट विकल्प भी शामिल होगा।
सदन में बताया गया कि सरकार फिलहाल जनगणना की प्रश्नावली और कार्यप्रणाली को अंतिम रूप दे रही है। इस कदम को राष्ट्रीय सांख्यिकी में ट्रांसजेंडर समुदाय की दृश्यता (visibility) और समावेशिता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समुदाय के सटीक जनसांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध होने से उनके लिए बेहतर सरकारी नीतियां, कल्याणकारी योजनाएं और संसाधन आवंटन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
विदित हो कि भारत की दशकीय जनगणना मूल रूप से 2021 में संपन्न होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था। अब सरकार इस व्यापक राष्ट्रीय जनसांख्यिकीय कवायद को 2027 में आयोजित करने की योजना बना रही है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का भी उपयोग किया जाएगा।
स्रोत
[edit | edit source]- Census 2027 to also include transgender-headed households — पत्र सूचना कार्यालय (PIB), 11 मार्च 2026
- Census 2027 to also include transgender-headed households: Rajya Sabha — द इकोनॉमिक टाइम्स (The Economic Times), 11 मार्च 2026